गुरुवार, 5 अगस्त 2021

शिलोंग मेघालय के पर्यटन स्थल के बारे में विस्तार सहित जानकारी

शिलांग मेघालय की राजधानी होने के साथ बहुत ही सुंदर शहर भी है। इसकी समुद्र तल से ऊँचाई 1491 मीटर है। इतनी ऊँचाई होने के करण बादल बहुत ही नजदीक से दिखाई देते है। इसकी सुंदरता को देखकर सैलानी इसे "पूर्वी स्कॉटलैंड" कहते है। यहाँ पर अकसर बारिश का मौसम बना रहता है। जिस के कारण वातावरण ठंडा और ताजगी से भरा रहता है। 


यू-शिल्लोंग (U-Shyllong) देवता के नाम पर इस शहर का नाम रखा गया है। हर साल बहुत बड़ी संख्या में सैलानी इस शहर में घूमने के लिए आते है। यहाँ के लोग बहुत ही मिलनसार है। पर्यटकों को महसूस होने ही नहीं देते है। वह किसी दूसरे नगर में आये है। आइये आज हम बाते करते है, शिलांग मेघालय भारत के पर्यटन स्थल (Shillong Meghalaya India Tourist Place) के बारे में विस्तार सहित। 



डॉन बोस्को संग्रहालय (Don Bosco Museum)


डॉन बोस्को संग्रहालय को जनता के लिए 2010 में खोला गया था। इस संग्रहालय में सब से खास बात है कि सूरज कि रोशनी को बेहतर ढंग से आने दिया गया है। जिस के कारण बिजली की खपत बहुत कम होती है। डॉन बोस्को संग्रहालय में उत्तरी पूर्वी भारत के इतिहास, सभ्यता के बारे में सैलानियों को जानकारी बड़ी आसानी से मिलती है। पर्यटकों मूर्तियां, सिक्के, चित्र आदि देखने को मिलते है। 


उत्तरी पूर्वी भारत में बसने वाले आदिवासी जिंदगी पर रोशनी डालने का कार्य करता है। आदिवासी कपड़े, गहने, बर्तन, संगीत में प्रयोग होने वाले यंत्र, शिकार करने वाले हथियार देखने को मिलते है। पर्यटकों को ऐसा लगता है, जैसे वह आदिवासी लोगों के बीच में आ गए हो। इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अच्छी जगह है। 



उमियम झील (Umiam Lake)


उमियम झील मानव निर्मित मनोरम झील है। यह शिलोंग से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सैलानियों को उमियम झील से प्रकृति के दृश्य बहुत ही सुन्दर दिखाई देते है। झील के चारों तरफ पेड़ ही पेड़ दिखाई देते है। हरियाली से भरा वातावरण दिल को बहुत आनंदित करता है। इसका पानी बहुत ही साफ़ दिखाई देता है। 



शिलोंग चोटी (Shillong Peak)


शिलोंग चोटी से दूर दूर तक पहाड़ी दृश्य दिखाई देते है। यह पहाड़ी नज़ारे सैलानियों को अपनी तरफ खींचने का कार्य करते है। शिलोंग चोटी पर अधिकतर समय कोहरा रहता है। इसकी समुद्र तल से उँचाई 6449 फुट है।  लोग अपने साथ कैमरा ले कर जरूर जाते है। जिसमें वह चोटी के खूबसूरत नज़ारों के अपनी फोटो नहीं भूलते है। 



हाथी झरना (Elephant Falls)

 

हाथी झरना अत्यंत खूबसूरत झरना है। इस झरने का आकार हाथी की तरह होने से, अंग्रेजों ने इसे एलीफैंट फाल्स यानि कि हाथी झरना नाम दिया। वर्ष 1897 में आये तेज भूकंप ने इसके आकार को ध्वस्त कर दिया था। वैसे इसका स्थानीय नाम ‘का कशैद लाई पातेंग खोहस्यू’ है। इस नाम का अर्थ तीन जगह से पानी का गिरना। यहाँ से गिरने वाले पानी का रंग दूधिया होता है। 



डेविड स्कॉट ट्रेल (David Scott Trail)

 

डेविड स्कॉट ट्रेल एक ब्रिटिश अधिकारी के नाम पर बना पुल है। ट्रैकिंग के साथ इस पुल का उपयोग असम और बांग्लादेश के बीच में क्या जाता है। यह उमियम झील पर बना हुआ है। यह सब से पुराना ट्रैकिंग रास्ता है। इसके आस पास के दृश्य बहुत ही मनोरम दिखाई देते है। प्रति वर्ष बहुत बड़ी संख्या में पर्यटक ट्रैकिंग के लिए आते है। 



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वार्डस झील (Ward’s Lake)


वार्डस झील बहुत ही मनमोहक है। इस झील के किनारे पर बहुत ही सुन्दर पार्क बना हुआ है। जहाँ पर सुबह सुबह सेना के अधिकारी घूमने के लिए आते है। सुबह 9 बजे के बाद ही सैलानियों या आम लोगों को प्रवेश करने की अनुमति होती है। पर्यटकों को फूलों की खुशबु बहुत आनंदित करती है। सैलानी नाव का आनंद भी ले सकते है। यह वाकई में बहुत ही शानदार अनुभव है। 



लेडी हैदरी पार्क (Lady Hydari Park)


लेडी हैदरी पार्क का नाम लेडी हैदरी अँग्रेज़ महिला के नाम पर पड़ा है। जिस को प्रकृति से बहुत ज्यादा लगाव था। जापानी शैली में इस पार्क को तैयार किया गया है। कई किस्मों के फूल, जानवर और पक्षी सैलानियों को देखने को मिलते है। वन विभाग इसकी देखभाल करता है। बच्चों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बहुत ही बढ़िया स्थान है। 



डेंगी चोटी (Diengiei Peak)


डेंगी चोटी शिलांग मेघालय (Meghalaya) के पर्यटन स्थल (Tourist Place) को साहसिक खेलों के लिए जाना जाता है। इस चोटी पर सैलानी रॉक क्लाइमबिंग और रैपलिंग खेलों को खेलते है। यह चोटी 1000 सीधी है। जिस पर चढ़ना बहुत ही मुश्किल होता है। सैलानी  फिर भी इस पर चढ़ने की कोशिश करते है। यहाँ से बदल बहुत ही नजदीक दिखाई देते है। यह बहुत ही अद्भुत नज़ारा पेश करती है। 



जकार्म झरना (Jakrem Falls)

 

जकार्म एक गर्म पानी का झरना है। सैलानियों को इस झरने में नहाना बहुत ही पसंद है। कहा जाता है कि इस पानी में नहाने से कई बीमारियां दूर हो जाती है। शिलोंग से करीब 64 किलोमीटर कि डोरी पर स्थित है। यहाँ पर आने के लिए लोगों को टैक्सी करनी पड़ती है। शिलोंग आने वाले सैलानी इस झरने का आनंद लेने के लिए जरूर आते है। 



मौफलांग गांव (Moflong Village)


मौफलांग गांव शिलोंग से करीब 27 किलोमीटर कि दूरी पर स्थित है। यह समुद्र तल से करीब 5000 फुट ऊपर है। खासी लोगों के द्वारा इस गांव के वनों को बहुत ज्यादा पवित्र माना जाता है। उनका कहना है कि उनके देवता इन जंगल में रहते है। जब वह लोग किसी का बुरा करते या सोचते है। उस समय उनके देवता कठोर सज़ा देते है। पर्यटकों को इन वनों में प्राचीन मूर्तियां भी देखने को मिलती है।  



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मीठा झरना (Sweet Falls)


मीठा झरना शिलोंग से 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस झरने का पानी मीठा होता है। इसको कशेड वेटडें के नाम से भी जाना जाता है। इस झरने की उँचाई 315 फुट है। जितना देखने में खूबसूरत है, उस से कही ज्यादा खतरनाक भी है। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पर भूत होने की बात कही जाती है। इस झरने पर अकसर लोगों की गिरकर मरने की घटनाएं हुई है। इस झरने का रास्ता भी ठीक नहीं बना है। शाम 4 बजे पहले तक लोग जाने की सलाह देते है। 



कैसे जाए (How Reach)


शिलोंग (Shillong) जाने के लिए दिल्ली से ट्रैन गुवाहाटी तक मिलती है। जिसके बाद कार या बस से जाना पड़ता है। सड़क मार्ग के द्वारा अपनी कार या बस से जा सकते है। गुवाहाटी तक हवाई सेवा उपलब्ध है। सैलानी अपने लिए हस्तशिल्प वस्तु या खासी लोगों जैसे कपड़े खरीद सकते है। पर्यटकों को हर तरह का खाना आराम से मिल जायेगा। 

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