सोमवार, 9 अगस्त 2021

पोरबंदर गुजरात के पर्यटन स्थल के बारे में जानिए विस्तार सहित

पोरबंदर (Porbander) गुजरात के प्रमुख नगरों में से एक है। ऐतिहासिक इमारतें, हर साल होने वाले उत्सव, जंगल, समुंदरी तट और धार्मिक स्थल सैलानियों की बड़ी बड़ी संख्या को अपनी तरफ आकर्षित करते है। गुजरात के इस शहर का इतिहास हड़प्पा के समय का है। इस स्थान पर हड़प्पा के समय के बहुत बड़ी संख्या में अवशेष मिले है। पुरातत्व विभाग इस पर खोज कर रहा है।


कुछ विद्वानों का कहना है कि हिन्दू भगवान श्री कृष्ण के पक्के दोस्त सुदामा की जन्म स्थली भी यही है। महात्मा गाँधी की जन्म स्थली होने कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया। गुजरती लोग बहुत ही मिलनसार होते है। अपने मेहमानों का खास ख्याल रखते है। आइये आज हम बाते करते है, पोरबंदर गुजरात भारत के पर्यटन स्थल (Porbander Gujrat India Tourist Spot) के बारे में विस्तार सहित। 



विलिंगडन मरीना समुद्री तट (Willingdon Marina Beach)


विलिंगडन मरीना समुद्री तट को पोरबंदर समुद्री तट के नाम से भी जाना जाता है। इस तट पर उठने वाली लहरें हर किसी के मन को भाती है। सैलानियों के लिए नौका विहार, मछली पकड़ने की सुविधा है। यहाँ पर स्थित चौपाटी पर बहुत ही लजीज खाने को मिलता है। पर्यटकों को इसका वातावरण बहुत ही पसंद आता है। सूर्यास्त  और सूर्योदय का दृश्य बहुत ही सुन्दर दिखाई देता है। 



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कीर्ति मंदिर (Kirti Temple)


कीर्ति मंदिर महात्मा गाँधी को समर्पित स्थान है। यह एक तीन मंजिला इमारत है। जिसमें गाँधी जी से संबंधित चीजें देखने को मिलती है। इस इमारत को उनके घर जैसा बनाया गया है। लोगों का कहना है कि कीर्ति मंदिर वाली जगह गाँधी जी के पूर्वजों की थी। एक व्यापारी इस जगह को खरीद कर, इस मंदिर का निर्माण करवाया। इसकी दीवारों पर महात्मा जी के जीवन से संबंधित चित्र देखने को मिलते है।  




पक्षी अभयारण्य (Birds Sanctuary)


हर साल बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पोरबंदर के पक्षी अभयारण्य में आते है। सैलानियों के लिए अलग अलग क़िस्म के पक्षियों को देखना बहुत ही आनंददायक होता है। यह अभयारण्य सिर्फ एक वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। पक्षियों का यह पार्क एक छोटी सी झील के पास में स्थित है। बच्चों को इस स्थान पर जरूर ले कर आये। यह वाकई बहुत मनोरम अनुभव है।



कृष्णा- सुदामा मंदिर (Krishna Sudama Temple)


कृष्णा-सुदामा मंदिर का निर्माण इतिहासकारों के अनुसार 20 वी सदी से पहले किया गया है। इस मंदिर की वास्तुकला देखने लायक है। इस मंदिर में सदमा जी श्रीकृष्ण के सिंहासन पर बैठे हुए है। दूसरी तरफ कृष्ण जी मूर्ति के साथ रुक्मणी की मूर्ति स्थापित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मंदिर में स्थित भूलभुलैया को पार करने से पाप मिट जाते है। 



श्री हरी मंदिर (Sri Hari Mandir)


हिन्दू धर्म या आध्यात्मिक ज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए श्री हरी मंदिर बहुत अच्छा स्थान है। इस मंदिर का निर्माण 20 वी सदी के करीब हुआ है। मंदिर के अंदर 65 स्तंभ स्थित है। इसकी ऊँचाई 105 फुट है। सैलानियों के दर्शन के लिए श्री जंकी वल्लभ, हनुमान जी, राधा कृष्ण जी के साथ गणेश जी की मूर्ति भी स्थित है। पर्यटकों और भक्त इस मंदिर की खूबसूरती को देख कर अत्यंत खुश हो जाते है। 



बर्दा पहाड़ी वन्यजीव उद्यान (Barda Hils Park)


पोरबंदर (Porbander) शहर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर बर्दा पहाड़ी वन्यजीव उद्यान स्थित है। पोरबंदर और जामनगर में इस उद्यान को विभाजित किया गया है। सैलानी ट्रैकिंग के मजे के साथ कई किस्म के जानवरों को देख सकते है। प्रकृति के प्रेमी सैलानियों के अच्छा स्थान है। शेर, गिरगिट, सांभर, तेंदुआ, भेड़िये के साथ मगरमच्छ भी देखने को मिलते है। 



भारत मंदिर (Bharat Temple)


भारत मंदिर में सारे देश की कलाकृतियों को संजो कर रखा गया है। मुख्य रूप से हिन्दू धर्म के प्राचीन अवतारों की मूर्तियों को स्थापित किया गया है। सैलानियों को सारा देश एक ही स्थान पर देखने को मिलता है। बच्चों को इस स्थान पर विशेष रूप से ले कर आये। ताकि उनको भी भारत देश की अलग अलग संस्कृति का पता चल सके। काफी संख्या में लोग इस मंदिर में घूमने के लिए आते है।



भूतनाथ मंदिर (Bhoothnath Temple)


भूतनाथ मंदिर हिन्दू भगवान शिव जी को समर्पित है। मंदिर के आस पास का वातावरण बहुत ही शांत है। यहाँ पर भक्तों और सैलानियों को आनंद की प्राप्ति होती है। हर साल शिवरात्रि वाले दिन इस मंदिर में बहुत ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। वैसे भी इस मंदिर में रोजाना काफी भीड़ होती है। यह मंदिर 24 घंटे खुला रहता है। इसके साथ एक छोटा सा बाजार भी स्थित है।



घुमली (Ghumli)


इतिहासकारों के अनुसार 12 सदी के आस पास पहले सैंधव और फिर सौराष्ट्र के जेठवा शासन में घुमली राजधानी थी। सैलानियों को इस स्थान पर कई ऐतिहासिक मंदिर और स्मारक देखने को मिलते है। इस समय यह स्थान पुरातत्व विभाग के पास में है। नवलखा और आशा पूरी मंदिर हर किसी को अपनी तरफ आकर्षित करते है।  



हजूर महल (Hazur Palace)


हजूर महल एक ऐतिहासिक इमारत है। इसका निर्माण नटवर सिंह के द्वारा करवाया गया था। महल की छत को लकड़ी से बनाया गया है। इसे रेलिंग के द्वारा जोड़ा गया है।  हजूर महल के कई हिस्से घुमावदार बनाये गए है। इस के फव्वारे, स्तंभ और इसको वास्तुकला देखने लायक है। हजूर महल से रात के दृश्य बहुत ही सुन्दर दिखाई देते है। सैलानियों को रात में यहाँ पर जरूर रुकना चाहिए।



बिल्लेश्वर मंदिर (Baleshwar Temple)  


बिल्लेश्वर मंदिर एक शिव मंदिर है। यह मंदिर बिलेश्वर नदी के किनारे पर स्थित है। गुजरती शैली में बने इस मंदिर की सुंदरता का बखान करना मुश्किल है। हर समय इस मंदिर में घी के दीये जलते रहते है। इस समय यह मंदिर पुरातत्व विभाग की देख रेख में है। शिवरात्रि और अमावस के दिन बहुत ज्यादा भक्तों की भीड़ देखने को मिलती है।  



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दरिया राजमहल (Daria Rajmahal)


ऐतिहासिक दरिया राजमहल का निर्माण 19 वी सदी के दौरान महाराजा भव सिंह के द्वारा करवाया गया था। गॉथिक, इतावली और अरबी वास्तुकला के अनुसार इस राजमहल का निर्माण हुआ है। दरिया राजमहल में चित्र, कलाकृतियां और उस समय का सामान देखने को मिलता है। वर्तमान समय में इस महल को एक मेडिकल कॉलेज में बदल दिया गया है। 



कैसे जाए (How Reach)


सैलानी हवाई मार्ग, सड़क और रेल के द्वारा पोरबंदर जा सकते है। गुजराती खाने के साथ पंजाबी और चीनी खाने का स्वाद भी देखने को मिलता है। गुजराती खाने में घेवर, ढोकला, खंडवी, थेपला आदि प्रमुख है। यात्रा करने के लिए जुलाई से मार्च तक सही समय है। गर्मियों के दिनों में बहुत ज्यादा गर्मी होती है। ऐसी गर्मी में बच्चों के साथ घूमना बहुत मुश्किल होता है।  

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