शुक्रवार, 6 अगस्त 2021

जोवाई जयिन्ता हिल्स मेघालय भारत के पर्यटन स्थल के बारे में जानकारी

जोवाई जिला जयिन्ता हिल्स मेघालय बहुत ही महत्वपूर्ण शहर है। इस शहर की जमीन पठारी है। मिंतदू नदी ने इसको तीन तरफ से घेरा हुआ है। समुद्र से 1380 फुट की ऊँचाई पर बसे इस नगर का वातावरण बहुत ही शुद्ध और ताजगी से भरा है। उद्योग और शिक्षण की नज़र से मेघालय का प्रमुख शहर है। हर साल बहुत बड़ी संख्या में बांग्लादेश से बच्चे पढ़ने के लिए आते है। गर्मियों के दिनों में मौसम काफी ठंडा रहता है। आइये आज हम बात करते है, जोवाई जयिन्ता हिल्स मेघालय भारत के पर्यटन स्थल (Jowai Jaintia Hills Meghalaya India Tourist Spot) के बारे में विस्तार सहित। 



सिंतु कसीअर (Syntu Ksiar)


सिंतु कसीअर सैलानियों की जोवाई में पहली पसंद है। यहाँ पर लोग अपने परिवार के साथ पिकनिक मनाना ज्यादा पसंद करते है। यह एक हरियाली से भरा क्षेत्र है। यहाँ के लोगों ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कीयांग नोनबोह क्रांतिकारी को यही पर फांसी की सज़ा दी गयी थी। पर्यटक एक दिन आराम से इस पर्यटन स्थल का मजा ले सकते है। स्थानीय खाने का स्वाद पर्यटक लेना कभी नहीं भूलते है। 



जान पिचर प्लांट झील (John Pitcher Plant)


जान पिचर प्लांट झील पर सैलानियों को कुछ ऐसे पौधे देखने को मिलेंगे, जो मास खाते है। इन पौधा का आकार एक घड़े की तरह होता है। ऐसे पौधे गीले और दलदली इलाके में पाए जाते है। यहाँ पर यह पौधे 50000 वर्ग फुट के करीब फैले हुए है। यह पौधे कीड़े मकोड़े खाते है। सैलानी नौकायान के आनंद के साथ फव्वारे का मजा भी ले सकते है। 



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नर्तियांग मोनोलिथ्स स्मारक (Nartiang Monoliths Memorial)


नर्तियांग मोनोलिथ्स स्मारक 27 फुट ऊंचे 7 फुट चौड़े पत्थर के स्मारक है। यह स्मारक खासी जनजाति के नायकों को दर्शाते है। इन पत्थरों को 3,4,5 और 7 की संख्या में खड़ा किया गया। सैलानियों को यहाँ पर कई और ऐतिहासिक वस्तु देखने को मिलती है। जिनको देखने के बाद मुंह से वाह वाह अपने आप ही निकल आता है। इसी स्थान पर एक बाजार भी लगता है। 



लालोंग बाग़ (Ialong Park)


लालोंग बाग़ एक इ को पार्क है। जिसमें पर्यटकों को खास किस्म की वनस्पति देखने को मिलती है। इस बाग़ से बहुत ही सुन्दर प्रकृति के दृश्य देखने को मिलते है। पर्यटकों के लिए बाथरुम, कपड़े बदलने के लिए रूम भी बनाये गए है। यहाँ से नहर भी निकल कर जाती है। पर्यटन विभाग की तरफ से सफाई का बहुत ज्यादा ध्यान रखा गया है। 


थाडलासकें झील (Thadlaskein Lake)


थाडलासकें झील का पानी अपनी शुद्धता के लिए जाना जाता है। इसका पानी पारदर्शी है। यह बहुत ही सुन्दर दिखाई देता है। झील के आस पास का वातावरण हर किसी को आनंदित करता है। यहाँ पर पूरे साल सैलानी घूमने के लिए आते है। सैलानियों के लिए एक छोटा सा होटल है। जिसे व्यंजन बहुत ही स्वादिष्ट होते है।   




डावकी (Dawki)


डावकी को डउकी के नाम से भी जाना जाता है। यह जोवाई से करीब 57 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक छोटा सा गांव है। इस गांव से सड़क निकलकर बांग्लादेश में प्रवेश करती है। ट्रैकिंग के लिए अच्छी जगह है। उमंगोट नदी पानी पारदर्शी है। जिसे देखने के लिए लोग दूर दूर से आते है। डावकी के प्राकृतिक दृश्य हर किसी को बाँध लेते है। 



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कैसे जाए (How Reach)


हवाई जहाज के द्वारा गुवाहाटी जाना होगा। जहाँ से कार या बस से शिलोंग होते हुए जोवाई (Jowai) पहुँचा जा सकता है। वैसे सब से करीब हवाई अड्डा उमरोई है। उमरोई से कोलकत्ता के लिए उड़ाने है। ट्रैन भी सिर्फ गुवाहाटी तक ही आती है। बस शिलोंग से लेना ही बेहतर विकल्प होगा। सर्दियों के दिनों में तापमान 4 डिग्री तक पहुंच जाता है।  

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