डिब्रूगढ़ असम के पर्यटन स्थल के बारे में जानकारी विस्तार सहित


डिब्रूगढ़ असम के प्रमुख शहरों में से एक है। यहाँ पर सब से ज्यादा चाय का उत्पादन होता है। इसी के  साथ पर्यटकों के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है। पर्यटक प्राकृतिक दृश्यों के नज़ारों के साथ, ट्रैकिंग, कैंपिंग का आनंद भी उठा सकते है। इस शहर को "दी सिटी ऑफ़ इंडिया" के नाम से भी जाना जाता है। डिब्रूगढ़ शहर में अंतर्देशीय हवाई अड्डा भी स्थित है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा असम के गुवाहाटी शहर में स्थित है। 


सैलानी भारत के किसी भी राज्य से सड़क मार्ग के द्वारा डिब्रूगढ़ जा सकते है। अपनी कार से नहीं जाना चाहते तो, बस या कैब के द्वारा भी जाया जा सकता है। पवन हंस नाम की कंपनी उत्तरी डिब्रूगढ़ में हेलीकॉप्टर की सेवा भी प्रदान करती है। डिब्रूगढ़ में रेलवे स्टेशन भी है। यह देश के सभी बड़े रेलवे स्टेशन से जुड़ा हुआ है। आइये आज हम बात करते है, डिब्रूगढ़ असम के पर्यटन स्थल (Dibrugarh Assam Tourist Place) के बारे में विस्तार सहित। 



दिहिंग नामती सतरा (Dehing Namti Satra)


सतरा डिब्रूगढ़ में धार्मिक स्थानों को कहा जाता है। यहाँ पर दिन्जोय सतरा, कोली आई थान और दिहिंग सतरा प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह स्थल बहुत ही प्राचीन और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। दिहिंग नामती सतरा नाहरकाटिया क़स्बे से करीब 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह बहुत ही सुन्दर और भव्य धार्मिक स्थल है। 



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राइदोंगिया डॉल (Raidongia Doll)


राइदोंगिया डॉल  डिब्रूगढ़ असम (Assam) के अहोम साम्राज्य की निशानी का एक महत्त्वपूर्ण स्मारक है। यह स्मारक धिंगिया बरबरूआ सड़क के निकट कालाखोवा ज़िला के लारा मौजा में स्थित है। इस स्मारक में अहोम साम्राज्य से संबंधित 14 मूर्तियां स्थापित है। इसकी ऊँचाई 45 फुट है। कुछ विद्वानों के अनुसार स्वदेशदेव प्रमत्त सिंघा ने अपनी बहन रैडनोगिया बरुआ को उसकी शादी में दहेज के रूप में दिया था। 



बारबारुआ मैदाम (Barbarua Maidam)


बारबारुआ मैदाम एक बहुत बड़ा कब्रिस्तान है। इस कब्रिस्तान में अहोम साम्राज्य के दो बड़े अधिकारियों की कब्रों के साथ कई छोटे अधिकारियों की कब्रें बनी हुई है। यह कब्रिस्तान शहर से लगभग 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सैलानियों के लिए इन कब्रों की बनावट को देखना बहुत ही अच्छा है। वैसे यहाँ पर अब सब कुछ खंडहर ही बन चुका है।



जोकाई बॉटनिकल गार्डन (Jokaai Botanical Garden)


जोकाई बॉटनिकल गार्डन प्रकृति से प्यार करने वाले लोगों के लिए अति उत्तम स्थान है। यहाँ पर कई प्रकार के फूल, पौधे और पेड़ देखने को मिलते है। सैलानियों को बहुत ही शांत माहौल देखने को मिलता है। इस बाग़ के कई पौधों से दवाइयाँ भी बनाई जाती है। पर्यटक हाथी की सैर के साथ, नौकायन भी कर सकते है। बच्चों के साथ घूमने के लिए बहुत बढ़िया स्थान है। 



नामफाके गांव (Namphake Village)


नामफाके गांव डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) में सब से सुन्दर और आकर्षित गांव है। यह शहर से 37 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पर्यटकों के लिए इस गांव में बौद्ध धर्म से संबंधित एक अति सुन्दर मठ है। इस मठ में बौद्ध धर्म से संबंधित लोग भगवान का सिमरन करते है। यहाँ के लोगों की बौद्ध धर्म में बहुत ज्यादा आस्था है।  इस मठ में बौद्ध भगवान महात्मा बुध की सोने की मूर्ति भी देखी जा सकती है।  



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नाहरकटिया (Naharkatia)


नाहरकटिया इस शहर का छोटा सा क़स्बा है। इस नाम के पीछे का राज बहुत ही दुखद है। कुछ लोगों के अनुसार रेलवे स्टेशन के पास में नाहर राजकुमार की हत्या अहोम कुलीन ने कर दी थी। जिसके बाद से इस स्थान को नहरकटिया के नाम से जाना जाता है। सैलानियों के घूमने के लिए इस कस्बे में नम्पहाके, गोभुरो डोलोंग और सासोनी गोजपुरिया बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। 



जॉयपुर रेनफॉरेस्ट (Joypur Rainforest)


जॉयपुर रेनफॉरेस्ट 108 वर्ग किलोमीटर में फैला घना जंगल पर्यटन स्थल (Tourist Place) है। यहाँ पर पूरे वर्ष बारिश होती रहती है। जिसकी वजह से इसके आसपास के प्राकृतिक दृश्य बहुत ही शानदार दिखाई देते है। इस रेनफारेस्ट में 50 से ज्यादा ऊँचाई वाले पेड़ देखने को मिलते है। ऑर्किड और होलेंग पेड़ों की लगभग 102 किस्में पायी जाती है। सेगुन, आजे, बोहोत, नाहर और सैम जैसे पेड़ आम ही देखने को मिल जाते है। 

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