शुक्रवार, 19 मार्च 2021

शिव सागर आसाम के पर्यटन स्थल के बारे में जानकारी


शिव सागर (Siva Sagar) आसाम (Assam) का बहुत ही खूबसूरत नगर है। यहाँ पर अहोम राजकाल की छवि देखने को मिलती है। यह नगर ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी दिखू के किनारे पर स्थित है। सैलानियों को प्राकृतिक दृश्य बहुत ज्यादा भाते है। शिव सागर में रहने वाले लोगों की जीवन शैली, संस्कृति बहुत ही अलग है। आइए आज हम बात करते है, शिव सागर (Siva Sagar) आसाम (Assam) के पर्यटन स्थल (Tourist Place) के बारे में विस्तार सहित।     



शिव सागर तालाब (Siva Sagar Tank)


शिव सागर तालाब 129 एकड़ में फैला हुआ है। इसी तालाब के नाम पर इस जिले का नाम पड़ा है। सैलानियों के लिए गर्मियों में बोटिंग करना बहुत बढ़िया रहता है। इस तालाब के आस पास के प्राकृतिक दृश्य बहुत ही ज्यादा लुभावने है। सर्दियों के दिनों में बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी देखने को मिलते है। परिवार के साथ घूमने के लिए बहुत ही अच्छा स्थान है।  



जोय सागर तालाब (Joysagar Tank)


जोय सागर तालाब एक मानव निर्मित तालाब है। इस तालाब का निर्माण अहोम राजा स्वर्गदेव रुद्र सिंह ने अपनी माता जी जयमती की याद में बनवाया था। इसी तालाब के उत्तरी किनारे पर तीन मंदिर भी स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है। इसके अलावा सूर्य मंदिर और गणेश मंदिर प्रमुख मंदिर के पिछले हिस्से में स्थित है। इन मंदिरों की वास्तुकला को देख कर हर कोई दंग रह जाता है। 



रंग घर (Rang Ghar)


अहोम राजा स्वर्गदेव रुद्र सिंह जी ने रंग घर को बनवाया था। रंग घर की इमारत दो मंजिला है। इस मंजिल की बनावट बहुत ही अलग है। जैसे किसी ने नाव को छत पर उलटा कर के रख दिया हो। कुछ लोगों का कहना है कि यह एशिया कि सब से पुरानी रंग घर कि इमारत है। यहाँ से अहोम राज घराने के लोग बैठकर खेलों को देखा करते थे। 



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शिव दोल (Shiv Dol)


शिव दोल भगवान शिव को समर्पित के मंदिर है। इस मंदिर को पूर्वोत्तर दिशा में सब ज्यादा ऊँचाई पर स्थित मंदिर माना जाता है। शिव दोल मंदिर की ऊँचाई 104 फुट है। इस मंदिर के साथ विष्णु दोल और देवी दोल का मंदिर भी स्थित है। शिव भक्त बहुत बड़ी संख्या में महाशिवरात्रि वाले दिन इस मंदिर में नतमस्तक होने के लिए आते है। 



नामदांग पत्थर वाला पुल (Namdang Stone Bridge)


नामदांग पत्थर वाला पुल एक ही पत्थर से बना पुल है। इसे "नामदांग स्टोन ब्रिज" के नाम से भी जाना जाता है। भूवैज्ञानिकों का कहना है कि "यह पुल करीब 300 साल पुराना है"। नामदांग नामक नदी पर इस पुल का निर्माण किया गया है। यह शिव सागर से गौरी सागर की तरफ जाते हुए, जय सागर से पहले स्थित है। अहोम राजा ने इसका निर्माण वर्ष 1703 में करवाया था। 



केंद्रीय बैप्टिस्ट चर्च (Central Baptist Church)


शिव सागर (Siva Sagar)  तालाब के किनारे पर केंद्रीय बैप्टिस्ट चर्च स्थित है। वर्ष 1845 में रिव नाथन ब्राउन ने इसको बनवाया था। यह गिरजा घर बहुत ही सुंदर बना हुआ है। रिव नाथन ब्राउन ने आसाम में बांग्ला भाषा को राज भाषा बनाने का विरोध किया था। उन्होंने असमिया भाषा को फिर से राज भाषा बनाने की बात पूरे जोर शोर से कही। 



तलाटल घर (Talatal House) 


अहोम साम्राज्य की सब से बड़ी निशानी तलाटल घर है। यह शिव सागर से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सैलानियों को ग्राउंड फ्लोर से तीसरी मंजिल तक जाने की इजाजत है। तलाटल घर की बेसमेंट में जाने की किसी को भी अनुमति नहीं है। इसका निर्माण  स्वारगदेव रुद्र सिंहा ने वर्ष 1698 में करवाया था। इसका निर्माण सेना के रहने के हिसाब से करवाया गया था। 



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देवी दोल (Devi Dol) 


देवी दोल मंदिर में माँ काली और दुर्गा की पूजा की जाती है। इस मंदिर की ऊँचाई 60 फुट और परिधि 120 फुट है। देवी दोल मंदिर की एक तरफ शिव दोल और दूसरी तरफ विष्णु दोल मंदिर है। यहाँ का वातावरण बहुत ही बढ़िया है। यह एक छोटा सा मंदिर है। इसका निर्माण अहोम रानी अम्बिका कुंवारी ने करवाया था। अम्बिका कुंवारी राजा शिवा सिंगा की पत्नी थी। 



स्टेट संग्रहालय (State Museum)


ताज संग्रहालय शिव सागर आसाम (Assam) बहुत ही सुन्दर पर्यटन स्थल (Tourist Place) है। इसका उद्घाटन 31 जनवरी 1992 में किया गया था। यह 600 गज में बना हुआ है। पर्यटकों को अहोम साम्राज्य की वस्तुओं को देखने का अवसर मिलता है। इस वस्तुओं में गहने, हथियार सजावट का सामान शामिल है। यह एक छोटी इमारत है, लेकिन बहुत ही तरीके से इसमें सामान को रखा गया है। 

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