सोमवार, 15 मार्च 2021

पटनीटॉप हिल्स स्टेशन के बारे में विस्तार सहित जानकारी


पटनीटॉप का असली नाम "पाटन दा तालाब" है। जिसका अर्थ "राजकुमारी का तालाब" है। इस तालाब पर सत्तारूढ़ राज्य की राजकुमारी नहाया करती थी। कुछ समय के बाद "पाटन दा तालाब" से पटनीटॉप हो गया। यह एक जम्मू और कश्मीर के जिले उधमपुर का छोटा सा बहुत ही सुन्दर हिल स्टेशन है। हर तरफ शांति से भरा वातावरण, पहाड़ियां और घने जंगल सैलानियों को अपनी तरफ खींचने का कार्य करते है। आइये आज हम बात करते है, पटनीटॉप हिल्स स्टेशन जम्मू-कश्मीर उधमपुर के बारे में विस्तार सहित जानकारी (Patnitop Hill Station Jammu-Kashmir Udhampur Information)। 



पटनीटॉप हिल्स स्टेशन (Patnitop Hill Station) 


पाटन दा तालाब या पटनीटॉप जम्मू और कश्मीर (Jammu-Kashmir) के उधमपुर (Udhampur) जिले का मनमोहक सुन्दर रिसॉर्ट हिल्स स्टेशन है। इस हिल्स स्टेशन पर पूरे भारत देश से हर साल बहुत बड़ी संख्या में सैलानी घूमने के लिए आते है। इतिहासकारों का कहना है कि 1730 ईस्वीं में डोगरा राजा ध्रुव का पटनीटॉप पर शासन था। राजा ध्रुव ने सांस्कृतिक विरासत को बचा कर रखने के लिए बहुत सारे कार्य किए थे। 


यह भी पढ़े :- जम्मू कश्मीर में घूमने वाली जगहों के बारे में


यहाँ पर 600 साल पुराना नाग मंदिर भी पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। पर्यटकों को देवदार के जंगल, पहाड़ियां और मिलनसार लोग बहुत ज्यादा लुभाते है। परिवार के साथ घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया स्थान है। हर उम्र के लोग अपनी अपनी रुचि के हिसाब से यहाँ पर होने वाली गतिविधियों में हिस्सा लेते है।  



गतिविधियां (Activites) 


स्कीइंग और पैराग्लाडिंग के शौकीन लोगों के लिए पटनीटॉप से बढ़िया जगह कोई दूसरी मुश्किल ही हो। स्कीइंग मजा जनवरी और फ़रवरी में सब से अच्छे तरीके से लिया जा सकता है। इस समय बर्फ बहुत ज्यादा पड़ती है। पैराग्लाडिंग के लिए नत्था टॉप और सनासर पहाड़ियां बहुत अच्छे स्थान है। ट्रैकिंग के शौकीन सैलानी भी अपने शौक को पूरा कर सकते है। 


सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए अलग अलग समय पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते है। देश के कोने कोने से आने वाले सैलानी इन कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हुए नज़र आते है। ईद उल फितर, ईद उल जुहा, लोहड़ी, नाग पंचमी और दिवाली जैसे त्यौहार बड़ी ही धूमधाम के साथ मनाये जाते है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोग अपनी पारंपरिक वेशभूषा पहन कर नृत्य करते है। 



लोगों की जीवन शैली (People Life style)


यहाँ के लोगों का जीवन बहुत ही सादा और मिलनसार होता है। मेहमानों के लिए बहुत ही प्यार और सत्कार होता है। फेरन इनकी पारंपरिक वेशभूषा है। जिसे यह लोग ज्यादा पहनना पसंद करते है। इन लोगों की कमाई का सब से बड़ा साधन पर्यटन ही है। पटनीटॉप के लोग किसी न किसी रूप से पर्यटन के क्षेत्र से जुड़े हुए है। गर्मी के दिनों में इसका तापमान 40 डिग्री और सर्दियों में -14 डिग्री तक पहुंच जाता है। 



आस पास पर्यटक स्थल (Near Tourist Place)



सनासर झील (Sanasar Lake) 


सनासर झील का नाम सना और सर दो गाँवों को मिलकर रखा गया है। झील के आस पास का प्राकृतिक नज़ारा हर किसी का दिल दिल जितने में कामयाब रहता है। पर्यटकों के लिए रॉक क्लाइम्बिंग, पैराग्लाडिंग, बैलून सवारी और पैरासेलिंग गतिविधियां मुख्य रूप से चलाई जाती है। जिन को कुछ दिन शांति के साथ बिताने हो, वह लोग इस स्थान पर जरूर आये। 



यह भी पढ़े :- लेह लद्दाख में घूमने वाले स्थान की जानकारी 


बुद्ध अमरनाथ मंदिर (Budh Amarnath Temple) 


बुद्ध अमरनाथ मंदिर पुलत्स्य नदी के किनारे पर स्थित है। यह मंदिर का पौराणिक सम्बन्ध रावण के दादाजी पुलत्स्य ऋषि से है। कहा जाता है कि उन्होंने इस स्थान पर भगवान शिव की बड़ी ही कठोर तपस्या की थी। इस मंदिर में सफेद संगमरमर पत्थर से बना शिवलिंग स्थापित है। रक्षाबंधन त्यौहार वाले दिन बहुत बड़ी संख्या में लोग नतमस्तक होने के लिए आते है। 



कैसे पहुंचे (How Reach)


सैलानियों को पटनीटॉप (Patnitop) हवाई जहाज के द्वारा पहुंचने के लिए जम्मू हवाई अड्डे पर उतरना होगा। जिसे के बाद कैब या बस से उधमपुर होते हुए जाना होगा। हवाई अड्डे से जाने के लिए 3 से 4 घंटे का समय लगता है। ट्रैन से उधमपुर स्टेशन पर जा कर कैब लेनी होगी। जिन लोगों के पास अपनी कार हो, वह खुद चलकर भी आसानी के साथ पहुंच सकते है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया कमेंट बॉक्स में कोई भी स्पैम लिंक न डालें।

अहमदाबाद गुजरात भारत के पर्यटन स्थल के बारे में विस्तार सहित जानकारी

अहमदाबाद (Ahmedabad) गुजरात का बहुत ही सुन्दर शहर है। यह पहले गुजरात की राजधानी हुआ करता था। इसको कर्णावती नाम से भी पहचाना जाता है। साबरमती...