जलियाँवाला बाग़ अमृतसर पंजाब हत्याकांड का सब से बड़ा मुजरिम ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर


अमृतसर (Amritsar) पंजाब (Punjab) में जलियाँवाला बाग़ (Jallianwala Baag) हत्या कांड (Murder Case) को भारतीय लोग कभी नहीं भूल सकते है। 13 अप्रैल 1919 वैशाखी वाले दिन ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर (Brigadier General Reginald Edward Dyer) ने शांतमयी ढंग से इकट्ठे हुए 5000  लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलवा दी। इस गोलाबारी में 1000 से ज्यादा लोगों की जान गयी और 2000 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस हत्याकांड की दुनिया भर में बहुत ज्यादा निंदा हुई थी। आइये जानते है, जलियाँवाला बाग़ अमृतसर पंजाब के हत्याकांड के बारे में विस्तार सहित। 



जलियाँवाला बाग़ की बनावट (Jallianwala Bagh Design)


जलियाँवाला बाग़ पंजाब (Punjab) के अमृतसर (Amritsar) शहर में गोल्डन टेम्पल गुरुदवारा साहिब के पास में स्थित है। इस बाग़ में जाने के लिए एक ही रास्ता है। बाकी और जगह से यह मकानों से घिरा हुआ है। जिस रास्ते से इस बाग़ में प्रवेश करते है, वह भी बहुत ही कम चौड़ा है। यहाँ पर एक कुआँ है। जिसे अब ऊपर से अब बंद कर दिया गया है। इस बाग़ में शहीद हुए लोगों की याद में स्मारक भी बनाया गया है। जलियाँवाला बाग़ में हर समय अमर ज्योति प्रज्वलित रहती है। 



यह भी पढ़े :- जंग ए आजादी स्मारक करतारपुर जलंधर पंजाब के बारे में विस्तार सहित जानकारी 


हत्याकांड के बारे में विस्तार सहित जानकारी (Detail Information About The Massacre)


13 अप्रैल 1919 को वैशाखी वाले दिन लोग जलियाँवाला बाग़ में दो नेता सैफुद्दीन और सत्यपाल की गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए शांतमयी ढंग से एकत्र हुए थे। अंग्रेजों के द्वारा बनाया गया रोलेट एक्ट का भी  हर हिन्दुस्तानी के द्वारा विरोध किया जा रहा था। उस समय सारे शहर में कर्फ्यु लगा हुआ था। अंग्रेजों के द्वारा किसी भी तरह से लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी थी। 


कुछ लोग वैशाखी का मेला देखने के लिए अमृतसर शहर में अपने परिवार के साथ आये हुए थे। ऐसे लोग अचानक ही इस प्रदर्शन में शामिल हो गए। लोगों की संख्या 5 हजार के करीब थी। इनमें बहुत छोटे छोटे बच्चे भी शामिल थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का एक साथ होना, अंग्रेजों को बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा। अंग्रेजी हुकूमत इस प्रदर्शन को हर हाल में खत्म करना चाहती थी। 



ब्रिगेडियर जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर (Brigadier General Reginald Edward Dyer) बिना किसी को सूचना दिए, 90 अंग्रेजी सैनिकों के साथ जलियाँवाला बाग़ में पहुंच गया। अंग्रेजी सैनिकों के पास राइफल्स भरी हुई थी। उसने बिना किसी चेतवानी के लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाने का हुक्म दे दिया। जिस के बाद सिर्फ 10 मिनट में सारा बाग़ लाशों के ढेर से भर गया। लोग बहुत बड़ी संख्या में घायल हो गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए कुएँ में छलांग लगा दी। कुआँ भी कुछ ही पल में लाशों के ढेर से भर गया। 


जलियाँवाला बाग़ (Jallianwala Baag) हत्या कांड (Murder Case) दुनिया का सब से बड़ा खौफनाक हत्याकांड था। इस हत्याकांड के बाद अंग्रेजी सरकार और जनरल डायर की पूरी दुनिया में बहुत बदनामी हुई। अमृतसर के डिप्टी दफ्तर में 484 शहीद हुए लोगों की और जलियाँवाला बाग़ में 388 लोगों की सूचि है। ब्रिटिश सरकार के द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार 200 के घायल और 379 लोगों के मरने की बात कही गयी है। 


यह भी पढ़े :- ब्लू सिटी जोधपुर राजस्थान के पर्यटन स्थल के बारे में विस्तार सहित जानकारी



स्थानीय लोगों के अनुसार या अनाधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1000 से ज्यादा की मौत और 2000 से ज्यादा लोगों के घायल होने की बात कही गयी थी। इस दुखद हत्याकांड के बाद आम जनता से चंदा ले कर इस स्थान को 5 लाख 65 हजार में खरीदा गया था। आजादी के बाद इस बाग़ में अमर ज्योति और शहीदों की याद में एक स्मारक को बनाया गया है। यहाँ पर आज भी गोलियों के निशान देखने को मिलते है। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

कृपया कमेंट बॉक्स में कोई भी स्पैम लिंक न डालें।