आसाम के पर्यटन स्थल के बारे में जानिए विस्तार सहित


आसाम (Assam) अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। भारत (India) के इस राज्य में  पहाड़,.जंगल, नदियां  और चाय के बाग़ देखने को मिलते है। इस राज्य की सीमा भूटान और बांग्लादेश के साथ सटी हुई है। सैलानियों को इसके प्राकृतिक दृश्य बहुत ज्यादा लुभाते है। आइए आज हम बात करते है, यात्रा के लिए आसाम, भारत देश के पर्यटक स्थल के बारे में (Assam tourist place for travel In India)। 



गुवाहाटी (Guwahati )


गुवाहाटी आसाम (Assam) का सब से बड़ा शहर है। गुवाहाटी गुवा और हाट दो शब्दों का मेल है। गुवा का अर्थ सुपारी और हाट का अर्थ बाजार है। यहाँ पर सैलानियों को प्राचीन मंदिर बहुत बड़ी संख्या में देखने को मिलते है। इस प्राचीन मंदिरों को देख कर हर कोई इनके इतिहास को जानने के लिए उत्सुक रहता है। ग्रामीण और शहरी दोनों तरह के जीवन पर्यटकों को देखने के लिए मिलते है। जीव-जंतुओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बहुत अच्छा स्थान है। 



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जोरहाट (Jorhat)


जोरहाट शहर असम की भोगदोई नदी के किनारे पर बसा हुआ है। यहाँ पर कई धर्मों के लोग रहते है। इन में पंजाबी, मुस्लिम, बिहारी और मारवाड़ी लोग प्रमुख है। यहाँ पर वैष्णव धर्म को मानने वाले लोग भी बहुत बड़ी संख्या में रहते है। जिनके बने मठ देखने के लिए दुनिया भर से लोग आते है। यह शहर चाय के बागों से घिरा हुआ है। जोरहाट में ऐतिहासिक इमारतें बहुत बड़ी संख्या में देखने को मिलती है। 



उमानंद द्वीप (Peacock Island)


उमानंद द्वीप दुनिया के सब से छोटे द्वीपों में से एक है। ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य में यह द्वीप स्थित है। यह प्रवासी पक्षियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहाँ पर रहना बहुत ही मुश्किल है, इसका सब से बड़ा कारण बाढ़ है। उमानंद द्वीप के लोगों में सैलानियों के लिए बहुत प्यार देखा जाता है। इस द्वीप पर बना उमानंद मंदिर सैलानियों की पहली पसंद में आता है। इसके अलावा यहाँ पर पांच मंदिर और भी स्थित है। 



सुअलकुची  (Sualkuchi)


सुअलकुची एक बहुत ही सुन्दर और छोटा सा गांव है। इस गांव में आकर सैलानियों को असम की सभ्यता को देखने और जीने का अवसर मिलता है। यहाँ के लोग बुनाई का कार्य सब से ज्यादा करते है। पर्यटकों को बहुत बड़ी संख्या में विदेशी जानवर और पक्षी देखने को मिलते है। सुअलकुची में असममिया सिल्क बहुत ज्यादा विख्यात है।  



दिसपुर (Dispur)


दिसपुर शहर को आसाम की राजधानी के रूप में जाना जाता है। वर्ष 1973 में इसको राजधानी का पद दिया गया था। इस से पहले इसकी राजधानी शिलांग थी। पर्यटकों को यहाँ के आदिवासी लोगों की अनूठी परम्पराएं बहुत ज्यादा लुभाती है। कई हिन्दू मंदिरों के साथ, कई ऐतिहासिक इमारतें भी देखने को मिलती है। दिसपुर में चाय की नीलामी की जाती है। वर्ष के किसी भी महीने में सैलानी घूमने या यात्रा (Travel) के लिए आ सकते है। 



डिब्रूगढ़ (Dibrugarh)


ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे पर बसा डिब्रूगढ़ बहुत ही सुन्दर शहर है। डिब्रूगढ़ में सब से ज्यादा चाय के बाग़ देखने को मिलते है। यह बहुत ही विकसित नगर है। हर साल यहाँ आने वाली बाढ़ भी इसकी सुंदरता को कम नहीं कर पाती है। यहाँ पर रेलवे स्टेशन के अलावा हवाई अड्डा भी स्थित है। सैलानियों के लिए इस नगर की जलवायु बहु ही लुभाती है। यहीं पर बोगबील पुल बना हुआ है। बोगबील पुल की खासियत है कि पुल पर रेलवे लाइन के साथ सब से लम्बी सड़क बनी हुई है।



शिवसागर (Shiv Sagar)


शिवसागर में पूर्ववर्ती अहोम राष्ट्र के बहुत से स्मारक पर्यटकों देखने के लिए मिलते है। यहाँ के लोग चाय के साथ चावल, रेशम और सरसों की खेती भी बहुत बड़े स्तर पर करते है। शिवसागर में कई मंदिर और ऐतिहासिक इमारतें भी देखने को मिलती है। मंदिरों की वास्तुकला को देख कर पर्यटक दंग रह जाते है। पर्यटकों के लिए मानव निर्मित झील भी बहुत बढ़िया स्थान है।  



पोबितोरा वन्यजीव उद्यान  (Pobitora Wildlife Sanctuary)


एक सींग वाले गैंडे सब से ज्यादा एक स्थान पर पोबीतोरा वन्यजीव उद्यान में देखे जा सकते है। यह उद्यान गुवाहाटी से 30 किलोमीटर की दूरी पर मोबीगांव जिले में स्थित है। तेंदुआ, फिशिंग कैट, जंगली बिल्ली, जंगली भैंस, जंगली सुअर, चीनी पैंगोलिन जैसे कई अन्य स्तनधारी जीव भी देखने को मिलते हैं। यहाँ पर जाने से पहले गाइड को साथ जरूर ले। 



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माजुली द्वीप (Majuli Island)


माजुली द्वीप बहुत ही सुंदर द्वीप है। यह 1250 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है। इसका पानी बहुत ही साफ़ और स्वादिष्ट है माजुली द्वीप को आदिवासियों के द्वारा बसाया गया है। इसकी सभ्यता और जीवन शैली बहुत ही अलग है। यहाँ की जलवायु सैलानियों को ताजगी से भर देती है। माजुली जाने के लिए जोरहाट से फेरी लेनी पड़ती है। जोरहाट और माजुली के बीच में पड़ने वाली नदी पर को पुल नहीं है। 



मानस राष्ट्रीय उद्यान (Manas National Park)


मानस राष्ट्रीय उद्यान को यूनेस्को ने विश्व धरोहर की सूचि में शामिल किया हुआ है। यह उद्यान टाइगर और हाथियों को बचाने के लिए बहुत बड़े स्तर पर कार्य कर रहा है। मानस राष्टीय उद्यान में दुर्लभ गोल्डन लंगूर, लाल पांडा, बाघ और गैंडे को भी देखा जा सकता है। यहाँ का प्राकृतिक वातावरण हर किसी को भाता है। आसाम जाने वाले लोगों को इस उद्यान को देखने के लिए जरूर जाना चाहिए।  



काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान  (Kaziranga National Park)


काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को बाघों के लिए जाना जाता है। इस उद्यान को बाघों का घर भी कहा जाता है। वर्ष 1985 में इसे विश्व विरासत स्थल की सूचि में शामिल किया गया था। यहाँ पर कई प्रकार के जंगली जीव पाए जाते है। यह गोलाघाट और नागांव जिले में स्थित है। प्रकृति और जीव जंतुओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह बहुत ही बढ़िया स्थान है। इसका क्षेत्रफल 170 वर्ग मील है। इसकी स्थापना 1908 में की गयी थी। 



कामाख्या देवी मंदिर (Kamakhya Temple)


कामाख्या देवी मंदिर पश्चमी नीलांचल पहाड़ी गुवाहाटी में स्थित है। इतिहासकारों का कहना है कि इस मंदिर का निर्माण मध्यकाल के समय में हुआ था। अहोम द्वारा इस मंदिर का निर्माण 17 वी शताब्दी में दुबारा करवाया था। जिसका पता शिलालेख और ताँबे की प्लेट पर लिखे लेख के द्वारा चलता है। वर्ष 1897 में आये भूकंप ने इस मंदिर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाया था। जिसके बाद इसकी फिर से मरम्मत की गयी थी। 



काकोचांग झरना (Kakochang Waterfall)


काकोचांग झरना जोरहाट में पर्यटक स्थल (Tourist Place) स्थित है। चाय के बाग़ और रबड़ के पेड़ो से अलग यह झरने पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करते हुए नज़र आते है। यहाँ पर लोग नहाकर ताज़गी से भरा खुद को महसूस करते है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से सिर्फ 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ से सैलानी प्राचीन खंडरों को भी देख सकते है। 

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