बुधवार, 10 फ़रवरी 2021

नंदी हिल्स बैंगलोर कर्नाटक का बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन


बैंगलोर (Bangalore) कर्नाटक (Karnataka) में सब से खूबसूरत हिल स्टेशन (Hill Station) का खिताब नंदी हिल्स (Nandi Hill) के नाम है। नंदी हिल्स घूमने के लिए बहुत बड़ी संख्या में सैलानी आते है। यह पहाड़ी कर्णाटक के चिक्काबल्लापुर जिले में स्थित है। महाराजा टीपू सुलतान के द्वारा पहाड़ियों में एक दुर्ग का निर्माण करवाया गया था। जिसके कारण इसे नंदी हिल्स या नंदी दुर्ग के नाम से भी जाना जाता है। 




पेन्नर नदी, पोन्नैयार नदी और पलार नदी इसकी सुंदरता में चार चाँद लगाती है। इस पहाड़ी की समुद्र ताल से उंचाई करीब 4800 फुट है। सैलानियों के लिए पैराग्लाइडिंग, साइकलिंग, ट्रैकिंग और बेशुमार प्राचीन मंदिर स्थित है। नंदी दुर्ग के बारे में विस्तार सहित जानकारी (Information) प्राप्त करने के लिए इस लेख को जरूर पढ़े।  



इतिहास (History)


नंदी दुर्ग का निर्माण हैदर अली ने शुरू किया था। उनकी मौत के बाद उनके पुत्र टीपू सुलतान ने नंदी नामक पहाड़ी पर दुर्ग के निर्माण कार्य पूरा करवाया था। इस दुर्ग में गर्मियों के दिनों में रहा करते थे। इसका का नाम तशक ए जन्नत रखा गया था। इसी पहाड़ी का आजादी की लड़ाई में बहुत बड़ा योगदान था। आजादी से पहले, टीपू सुलतान के बाद अँग्रेज़ भी इस दुर्ग में रहते थे। नंदी पहाड़ी के आस पास कई और पर्यटक स्थल भी है। जिनकी खूबसूरती सैलानियों का पल में मन मोह लेती है। 



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टीपू ड्राप (Tipu Drop)


मुजरिमों को सज़ा देने के लिए टीपू सुलतान से टीपू ड्राप का निर्माण करवाया था। इतिहासकारों का कहना है कि मुजरिमों को इस जगह से धक्का दिया जाता था। यहाँ से गिरने के बाद उनकी मौत हो जाती थी। इसकी जमीन से ऊँचाई करीब 600 मीटर है। इसी पहाड़ी पर एक योगनंदेश्वर मंदिर भी स्थित है। योगनंदेश्वर मंदिर का निर्माण चोल राजवंश के द्वारा करवाया गया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुन्दर है।  


भोगा नंदीश्वर मंदिर (Bhoga Nandeeshwara Temple)


भोगा नंदीश्वर मंदिर का निर्माण रानी रत्नावली के द्वारा 9 वी शताब्दी में करवाया गया था। भगवान शिव को समर्पित मंदिर में चोल राजवंश के के राजा राजेंदर की मूर्ति को स्थापित किया गया है।  भोगा नंदीशेश्वर के प्रांगण में तीन और मंदिर बने हुए है। इन मंदिरों की वास्तुकला मन को बहुत ज्यादा भाती है। 



ब्रह्म आश्रम गुफा (Brahm Ashram Cave)


जिन सैलानियों को शांति से भरे जाने की चाहत हो, तो उनके लिए ब्रह्म आश्रम बहुत ही अच्छा स्थान है। इस स्थान पर जा कर लोगों को  बहुत ज्यादा शांति प्राप्त होती है। गर्मियों के दिनों में भी ठंड का अहसास होता है। कुछ विद्वानों का कहना है कि इस आश्रम की गुफा में राम कृष्ण परमहंस ने जी तप किया था। राम कृष्ण परमहंस जी स्वामी विवेकानंद जी के गुरु थे।   



मुडेनाहल्ली संग्रहालय (Muddenahalli Museum)


मैसूर राज्य के प्रसिद्ध विश्वेश्वरय्या शिल्पकार की वास्तुकला को मुडेनाहल्ली संग्रहालय में संभाल कर रखा गया है। यह संग्रहालय शहर से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। विश्वेश्वरय्या जी को भारत सरकार की तरफ से भारत रतन से भी सम्मानित गया है। 



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चन्नापुरा झरना (Channapura Waterfalls)


ट्रैकिंग के दीवाने लोगों के लिए चन्नापुरा झरना बहुत ही अच्छा स्थान है। यहाँ का वातावरण बहुत ही सुखद है। इस झरने से गिरने वाला पानी बहुत ही सुन्दर दृश्य पेश करता है। परिवार से साथ घूमने के लिए लोग बहुत बड़ी संख्या में आते है। 



पैराग्लाइडिंग (Paragliding)


बैंगलुरु की नंदी हिल्स को पैराग्लाइडिंग के लिए जाना जाता है। हवा में उड़ते हुए प्रकृति के नज़ारों का आनंद लेना बहुत ही भाता है। यहाँ बहुत ही रोमांच से भरा खेल होता है। 



प्रवेश शुल्क (Entry Fees)


सैलानियों को नंदी हिल्स स्टेशन (Nandi Hill Station) में घूमने के लिए प्रति व्यक्ति 20 रुपए शुल्क देना होता है। दो पहिआ पार्किंग के लिए 15 रुपए और चार पहिआ वाहन के लिए 60 रुपए शुल्क देना होता है।  


प्रवेश (Entry)


सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक सैलानी घूम सकते है। सूर्यास्त को देखने वाले लोगों को जरूर आना चाहिए। सरकारी अवकाश वाले दिन पर्यटकों के लिए नंदी हिल्स बंद रहती है। यहाँ पर घूमने के लिए सितम्बर से फ़रवरी का मौसम बहुत ही अच्छा है। 



कैसे जाए (How Reach)


हवाई जहाज के द्वारा बैंगलोर (Bangalore) कर्नाटक (Karnataka) में स्थित केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा उतर सकते है। यहाँ से नंदी दुर्ग की दूरी करीब 62 किलोमीटर है। बस या कैब की मदद से इस पहाड़ी पर पहुंच सकते है। ट्रैन के द्वारा चिक्काबल्लापुर स्टेशन पर उतरा जा सकता है। इस स्टेशन से 9 किलोमीटर दूर है। सैलानी अपनी कार से आना चाहे तो वह भी आराम से पहुंच सकते है। किसी प्रकार की जानकारी (Information) के लिए बैंगलोर पर्यटन गाइड अपने पास जरूर रखे।

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