कैसे करें हवाई जहाज में पहली बार यात्रा


सभी का सपना होता है कि वह अपने जीवन में एक बार हवाई जहाज़ का सफर अवश्य करें। पहली बार हवाई सफर करना बड़ा ही रोमांचक और तनाव से भरा होता है। इस यात्रा में आप हजारों फुट धरती से ऊपर होते है। ख़ुदा ना करें कि कुछ खराबी हो, तो जान पर बन आती है पर डरने की जरूरत नहीं क्योंकि ऐसा बहुत ही कम होता है। आप अगर पहली बार (First time) हवाई (Airplane) सफर (Journey) करने जा रहे है तो आप के लिए हमारा लेख बहुत ही काम आएगा। इसको पूरा और ध्यान से पढ़े ताकि आप को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की कोई समस्या ना आए।


अंतर्देशीय हवाई यात्रा  (Domestic Journey)


अंतर्देशीय रेलू यात्रा करने के समय आप के पास हवाई टिकट के साथ, पहचान पत्र का अवश्य हो। जैसे की पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड, बच्चा अगर 18 से कम है तो उसका जन्म प्रमाण पत्र, सरकारी विभाग की तरफ से जारी पहचान पत्र, दो नया फोटो ज़रूर हो।


अन्तर्राष्टीय विदेशी यात्रा (International Journey) 


एक देश से दूसरे देश में जाने के समय, हम से कुछ कागज़ात माँगे जाते है। यह दस्तावेज इमीग्रेशन अधिकारी को, हमें दिखाने होते है। जैसे कि आपका पासपोर्ट, वीज़ा, वीज़ा के साथ कुछ और दूतावास की तरफ से इमीग्रेशन को देने के लिए कागज़, हवाई टिकट, होटल बुकिंग, बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, शादी का प्रमाण पत्र और आप के पास कम से कम दो फोटो अवश्य हो।


पैकिंग (Packing)


हम हवाई यात्रा के दौरान काफी चीज़ें आप हवाई जहाज़ (Airplane) में नहीं ले जा सकते है। जिन वस्तुओं को ले जा सकते है, उनकी भी मात्रा भी तय की गयी है। हवाई सफर में पैकिंग (packing) बैग दो प्रकार के होते है।


केबिन बैग (Cabin bag) 


विमान (Airplane) के अंदर केबिन बैग को राही सीट के पास ले जा सकते है। इसमें 7 से 15 किलो वज़न रखा जा सकता है। भार की सही जानकारी एयरलाइन्स टिकट पर होगी, उसी हिसाब से केबिन बैग का वज़न रखे। इस बैग में 100ml से ज्यादा किसी भी प्रकार का द्रव नहीं रख सकते है। इस में पैकिंग फ़ूड रख सकते हो| अगर खाना रखना है तो याद रखों कि तरी वाली सब्जी ना हो, सुखी सब्जी के साथ रोटी या चावल हो। कई बार सुरक्षा कारणों के कारण सुरक्षा अधिकारी खाने को कह सकते है आप उनके सामने खा कर दिखा दे। इस में कोई भी इलेक्ट्रॉनिक वस्तु ना रखे। केबिन बैग में से अपना सामान को निकाल कर हवाई जहाज में उपयोग कर सकते हो|


चेक इन बैग (Check In Bag) 


चेक इन बैग का भार 15 किलो से लेकर 25 या उस से भी ज्यादा हो सकता है। जिस के बारे में सारी जानकारी टिकट पर होगी। इसमें ज्यादा मात्रा में तरल वस्तु रख सकते है, पर शर्त है कि वह ज्वलनशील ना हो। यह बैग बोर्डिंग पास देते समय यात्री से ले लिया जाता है। यात्री के जाने वाले स्थान पर उसे दे दिया जाता है। 


हाथ में पकड़ने वाला बैग (Hand bag) 


केबिन बैग और चेक इन बैग के अलावा एक हैंड बैग भी बना सकते हो। जिसमें चार्जर, मोबाइल, पर्स, कागज़ात आदि सामान ही होना चाहिए। हमारी कोशिश यही होनी चाहिए कि खाली बैग का वज़न कम से कम हो, पर बैग मजबूत भी हो,  56 cm * 45 cm से ज्यादा ना हो, नहीं तो वह चेक इन बैग गिना जायेगा


हवाई जहाज में निषेध वस्तु (In Airplane Prohibition Things)


हवाई जहाज़ में पेट्रोल, डीज़ल, चाकू, नुकीली चीज़, हथिआर, बम आदि ले जाना वर्जित है। 100 ml से ज्यादा जैल, या किसी भी प्रकार का स्प्रै, मिर्च का पाउडर, खिलौने, पावर बैंक को आप हाथ में पकड़ कर नहीं ले जा सकते है। ऐसी चीज़ों को पहले अच्छी तरह से पैक करना होगा फिर उसे मात्रा के हिसाब से केबिन या चेक इन बैग में डालना होगा पर पावर बैंक को हैंड बैग में डालना होगा।


बच्चे विमान में (Children In Airplane)


कोई भी माँ बाप बच्चों को मुश्किल में नहीं देख सकता है। हवाई सफर के वक्त कुछ ऐसा हो जाता है कि बच्चा छोटा होने के कारण रोने लगता है। कुछ हम आप को सुझाव देने जा रहे है, जिस से आप को मुश्किल नहीं होगी अपने बच्चों के साथ हवाई जहाज़ में। जब भी बच्चों के सामान की पैकिंग करते समय, उनके लिए मौसम के हिसाब से कपड़े थोड़े ज्यादा ही रखे। विमान के अंदर बाहर के मुकाबले अधिक ठंड होती है, इसलिए अपने साथ तौलिये या हल्का सा गर्म कपड़ा ज़रूर रखे। 


विमान के उड़ने या उतरने से पहले करीब अपने बच्चे को कम से कम 2 से 3 घंटे पहले अपना दूध या कुछ खाने को दे उसके बाद नहीं। फिर जब जहाज़ उड़ने लगे तो महिलाएं अपना दूध या कुछ खाने को दे। इस से आप के बच्चे का ध्यान अपनी भूख मिटाने की तरफ हो जायेगा। जिस से बाद विमान के उड़ने या उतरने के समय बच्चे को कोई भी तकलीफ़ नहीं होगी। बच्चे की उम्र के हिसाब से आप के पास खिलौना हो. जिस से उसका ध्यान खिलौने की तरफ हो जायेगा। 


कुछ बड़ों और बच्चों में देखा गया है कि बार बार जहाज़ के उड़ने और उतरने के समय कानों में दर्द होता है। ऐसे वक्त जैसे भी भी हो सके उसके साथ बातें करें। बच्चे का इधर उधर ध्यान लगाए। अकसर देखने में आया है कि बच्चे विमान में रोने लगते है, या उनकी तबीयत ख़राब हो जाती है। ऐसी स्थिति में  घबराना बिल्कुल भी नहीं है। विमान में एक नर्स होती है, जिसे बुलाकर बच्चे को दिखा सकते है।




कब एयरपोर्ट जाए? (When Go)


यात्री फ्लाइट से करीब ढाई से तीन घंटे पहले एयरपोर्ट पर जाए। अकसर देखने में आया है कि इमीग्रेशन विभाग के पास यात्रियों की काफी भीड़ होती है। जिस वजह से काफी समय लग जाता है। दूसरा इस बात का ध्यान रखे कि अगर फ्लाइट घरेलू है, तो घरेलू दरवाज़े से प्रवेश करें। अगर विदेश जा रहे है, तो अंतर्राष्ट्रीय प्रस्थान प्रवेश द्वार से एयरपोर्ट के अंदर जाए। एयरपोर्ट के अंदर जाते समय यात्री को पहचान पत्र और वीज़ा दिखाने को कहा जायेगा।


बोर्डिंग पास (Boarding Pass) 


एयरपोर्ट में प्रवेश करने के बाद जिस एयरलाइन्स का टिकट है, उस के काउंटर पर जा कर अपने सामान का भार तुलवाना होगा। एयरलाइन्स के हिसाब से अगर आप के बैग का वज़न ज्यादा है, तो  वहीं यात्री को निकालना होगा। यात्री चाहे अतरिक्त भार का शुल्क अदा कर के सामान अपने साथ ले जा सकता है। एयरलाइन्स टिकट काउंटर पर ही पासपोर्ट और वीज़ा देख कर एक कार्ड दिया जाता है। इसी को बोर्डिंग कार्ड कहा जाता है। इसी पर राही का सीट का नंबर होगा। राही खिड़की वाली सीट की भी मांग कर सकते है। यह मुफ्त होता है, पर कई बार ज्यादा यात्री होने के कारण पैसे ले कर भी सीट दी जाती है। केबिन बैग (cabin bag) राही को दे दिया जाता है, और चेक इन बैग जमा कर लिया जाता है।




इमीग्रेशन विभाग (Immigration Department) 


बोर्डिंग पास लेने के बाद राही को इमीग्रेशन विभाग के पास जाना होता है। जहाँ इमीग्रेशन अधिकारी उसके दस्तावेज़ को जांचने का कार्य करेगा| वह कुछ सवाल भी पूछेगा| यहाँ पर यात्री को डरने की जरूरत नहीं होती है| बस ध्यान से उसकी बात को सुने और आराम से सवालों का जवाब दे। अधिकारी से बात करते समय डरना नहीं है। उसकी बातों का जवाब मुस्कान के साथ दे। 


यात्रियों को चाहिए है कि हमेशा अपने शहर के पास वाला हवाई अड्डा ही चुने। टिकट सस्ती के चक्कर में या किसी और प्रयोजन से दूर वाला हवाई अड्डा चुन लेते है। ऐसा करने पर अधिकारी ज्यादा पूछताछ करते है। कुछ लोग डर जाते है, और गलत जानकारी दे देते है। जिसकी वजह से विमान में चढ़ने नहीं दिया जाता है। 

 


जाँच सुरक्षा (Security Checking) 


जाँच सुरक्षा बहुत ही जरूरी है। यहाँ पर राही के बैग में, शरीर में कुछ वर्जित द्रव या कोई कीमती चीज़ नहीं, इसी का पता लगाया जाता है। हर एयरलाइन्स विमान की जाँच अपने बनाए गए नियमों से की जाती है। कभी भी अधिकारियों से किसी बात पर उलझे ना, यह ग़लती उम्र भर जेल में और हवाई सफर पर पाबंदी लगा सकती है।


वह जिस वस्तु को निकालने को कहे निकाल दे। यात्री को साथ ले जाने वाले खाने को खाने के लिए कह सकते है। राही को अपना खाना खा कर दिखाना होगा। किसी भी प्रकार की कीमती चीज़ अपने हैंड बैग में केबिन बैग में बिल्कुल ना रखे। यहाँ पर सामान को एक्स रे किरणों वाली मशीन के मध्य से निकाला जाता है। जिसमें बैग और शरीर में छिपी सामान की फोटो सुरक्षा कर्मचारियों को दिख जाएगी। हमेशा याद रखे घरेलू यात्रा के दौरान इमीग्रेशन विभाग से किसी प्रकार की कोई भी पूछताछ नहीं होगी



बैठने के समय (In Plain)


बोर्डिंग पास लेने के बाद, इमीग्रेशन विभाग और सुरक्षा विभाग से जब आप क्लीन चिट ले लेते है, तो विमान में बैठने की अनुमति दी जाती है। राही अपनी सीट का नंबर देखे और उस पर जा कर बैठ जाए अगर किसी भी प्रकार की कोई परेशानी आए, तो हवाई जहाज़ में एयर हॉटेस्ट से पूछ सकते है। इसके बाद कुछ हिदायत दी जाती है, उनका पालन करें।


विमान यात्रा (Journey) के उड़ने और उतरने के समय आप के कानों में दर्द या आप को उलटी आ सकती है। यात्री सीट के बिलकुल सामने एक बैग बना होता है। उस में एक लिफ़ाफ़ा होता है। यात्री उसमें उलटी (Vomiting) कर सकते है। हवाई जहाज़ में आप अपने साथ लाया गया खाना बिना शर्म किए खा सकते है, अगर विमान में कुछ ले कर खाना चाहे खा सकते है पर वह काफी महंगा पड़ेगा। हमें उम्मीद है कि इस लेख को पढ़ने के बाद, आप अपनी पहली (First time) हवाई यात्रा से बिल्कुल भी नहीं डरेंगे।


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