शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

भोपाल (Bhopal) के विख्यात (Famous) पर्यटक स्थल (Tourist place) के बारे में जानकारी (Information) विस्तार सहित


भोपाल (Bhopal) शहर को झीलों के लिए जाना जाता है। इसको झीलों की नगरी (Lake of city) कह कर भी पुकारा जाता है। यह मध्य प्रदेश की राजधानी है। इसका नामकरण राजा भोज के नाम पर हुआ। यह शहर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, प्राचीन इमारतों के लिए जाना जाता है। सैलानियों के लिए इस नगर में बहुत कुछ है। आइये आज हम बात करते है. भोपाल के विख्यात (Famous) पर्यटक स्थल (Tourist place) के बारे में जानकारी (Information) विस्तार सहित।   



बड़ा तालाब (Bada Talab)


बड़ा तालाब भोपाल की झील का नाम है। यह इस नगर की सब से बड़ी झील है। इसको अपर लेक के नाम से भी संबोधित किया जाता है। इसके किनारे पर भोपाल राजा राजा भोज की मूर्ति स्थापित है। हर दिन बहुत बड़ी संख्या में लोग सूर्यास्त को देखने और किश्ती की सवारी के लिए आते है। सैलानी कैनोइंग, राफ्टिंग के साथ साथ पैरासेलिंग का भी आनंद ले सकते है।  


किश्ती या क्रूज़ में सवारी करने के लिए 80 से 250 रुपए शुल्क लगता है। यहां पर घूमने के लिए सब से बढ़िया समय अक्तुबर से अप्रैल तक का है। बड़ा तालाब भोपाल हवाई अड्डे से सिर्फ 9 किलोमीटर और स्टेशन से सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहाँ पर बना ब्रिज लोगों को कैमरा उठाने के लिए मजबूर कर देता है।    



वन विहार राष्ट्रीय उद्यान (Van Vihar National Park) 


जीव जंतुओं में रुचि रखने वाले लोगों के लिए वन विहार राष्ट्रीय उद्यान बहुत ही बढ़िया पर्यटक स्थल (Tourist place) है। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में पालतू और जंगली जीव दोनों ही देखने को मिलते है। इसका क्षेत्रफल 4.5 वर्ग किलोमीटर है। जंगल में ज्यादा आगे जाने के लिए गाड़ी का उपयोग किया जाता है। यह घने पेड़ों में बसा हुआ है।  


वन विहार राष्ट्रीय उद्यान को देखने के लिए भारतीय लोगों को 50 रुपए, विदेशी लोगों को 200 रुपए, कैमरा ले जाने पर 50 और वीडियो कैमरा ले जाने पर 300 रुपए शुल्क लिया जाता है। वाहन में घूमने के लिए 100 रुपए से 400 शुल्क वसूला जाता है।  जिन सैलानियों ने साईकल पर घूमना हो, उन्हें 10 रुपए प्रति घंटा पैसा देना होता है। पर्यटकों के लिए घूमने का समय सुबह 6.30 बजे से शाम 6 बजे तक है।  




गोहर महल (Gohar Palace)


कुदसिया बेगम के नाम पर गोहर महल का नाम रखा गया था। यह बहुत ही उच्च कोटि की भोपाल की महिला शासक थी।  गोहर महल में प्रति वर्ष जनवरी और फ़रवरी में उत्सव का आयोजन किया जाता है।  इस उत्सव में भाग लेने के लिए देशी विदेशी कलाकार आते है। इस उत्सव में शामिल होने वाले कलाकारों को सम्मानित भी किया जाता है।   




शौकत महल (Shaukat Palace)


19 वी शताब्दी में शौकत महल का निर्माण बेगम गौहर की बेटी सिकंदर बेगम ने करवाया था।  इस महल की बनावट यूरोपियन शैली की है।  इसकी वास्तुकला को देख कर सैलानी हैरान रह जाते है। जिन लोगों को कवाल्ली सुनने का आनंद लेना हो, वह इस महल में जरूर आये।  हर विशेष मौके पर कवाल्ली का आयोजन होता है।  




क्रेन वाटर पार्क (Cairns Water Park)


गर्मियों के दिनों में भोपाल का आकर्षण केंद्र क्रेन वाटर पार्क है। लोगों को खेलने के लिए बहुत सारे पानी के खेल मिलते है। यहाँ पर बजने वाला संगीत मन को बहुत ज्यादा शांति प्रदान करता है। स्थानीय लोग गर्मियों के दिनों में बड़ी बड़ी संख्या में जाते है। यह भोपाल शहर से करीब 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 



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ताज उल मस्जिद (Taj Ul Mosque)


ताज उल मस्जिद को एशिया की सब से बड़ी मस्जिदों में गिना जाता है। इतिहासकारों का कहना है कि इस मस्जिद का निर्माण ताज मुग़ल बादशाह बहादुर शाह जफ़र ने वर्ष 1844 के आस पास करवाया था। इसकी वास्तुकला को देख कर हर कोई खुश हो जाता है। ताज उल मस्जिद में एक साथ 175000 लोग नमाज़ अदा कर सकते है। भोपाल स्टेशन से सिर्फ 3 किलोमीटर और हवाई अड्डे से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 




मोती मस्जिद (Moti Mosque)


मोती मस्जिद को पर्ल मस्जिद के नाम से भी जाना जाता है। इसका निर्माण बेगम सिकंदर ने करवाया था। इस मस्जिद की बनावट दिल्ली जामा मस्जिद से बहुत ज्यादा मिलती जुलती है। हर सप्ताह शुक्रवार वाले दिन बहुत बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए आते है। लाल पत्थर और संगमरमर के द्वारा इस मस्जिद का निर्माण किया गया है। यहाँ पर लगे संगमरमर पत्थर की चमक ज्यादा होने के कारण मोती मस्जिद कहा जाता है।  




शौर्य स्मारक (Shaurya Smarak)


भारत देश की थल सेना, जल सेना और वायु सेना के जवानों के बलिदान को याद रखने के लिए शौर्य स्मारक का निर्माण करवाया गया। इसका उद्घाटन भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अगस्त 2014 में किया था। इसका क्षेत्रफल 12 एकड़ के करीब है। यहाँ पर 62 फुट लंबा ग्रेनाइट पत्थर से बना शौर्य स्तंभ है। इस स्तंभ के ठीक नीचे अमर ज्योति हर समय जगती रहती है। प्रति बुधवार छोड़कर सुबह 12 बजे से शाम 7 बजे तक सैलानियों के लिए खुला रहता है। यह भोपाल के मुख्य पर्यटक स्थल (Tourist place) में से एक है




भीमबेटका (Bheemteka Mosque)


वर्ष 2003 में वर्ल्ड हैरिटेज की सूचि में भीमबेटका को शामिल किया गया। यहाँ पर सैलानियों को महाभारत के पांडव पुत्र भीम की जीवन शैली के बारे में जानकारी (Information) मिलती है। यहाँ पर 30000 साल पुराने शिलालेख देखने को मिलते है। सैलानी छोटी बड़ी 500 से भी ज्यादा गुफाओं को देख सकते है। यह भोपाल नगर से 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 


भारत के लोगों के लिए 10 रुपया प्रति व्यक्ति, 100 रुपया विदेशी प्रति व्यक्ति और मोटर राइड लेनी हो, तो भारतीय से 50 और विदेशी से 200 रुपए शुल्क लिया जाता है। यह बहुत ही प्रसिद्ध (Famous), अद्भुत और मनमोहक स्थान है। 




भोज पूरी मंदिर (Bhoj Puri Temple) 


भोज पूरी मंदिर का निर्माण राजा भोज के द्वारा 11 शताब्दी में करवाया गया था। यह मंदिर हिन्दू भगवान शिव को समर्पित है। यहाँ पर स्थित शिवलिंग दुनिया में सब से बड़ा शिवलिंग माना जाता है। इस शिवलिंग की ऊँचाई 3.5 मीटर और परिधि 18 फुट है। शिवरात्रि के समय बहुत बड़ी संख्या में लोग, इस मंदिर में नतमस्तक होने के लिए आते है। 

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