आइये जानते है हरियाणा (Haryana) के पर्यटन शहरों के बारे में विस्तार सहित


हरियाणा (Haryana) भारत देश का बहुत ही सुन्दर राज्य है। यह राज्य उद्योग और प्राकृतिक नज़र से बहुत ही महत्वपूर्ण है। यहाँ हर साल बहुत बड़ी संख्या में देश के कोने कोने से लोग घूमने के लिए आते है। इस राज्य में पंजाब की तरह खेती का कार्य सब से ज्यादा होता है। प्रति वर्ष इस राज्य में ग्रामीण खेलों का आयोजन भी किया जाता है। ग्रामीण खेलों को देखने के बहुत बड़ी संख्या में दर्शक आते है। हरियाणवी लोक नाच, लोक संगीत और व्यंजन हर किसी का बहुत आसानी से दिल जीत लेते है। आइये आज हम बात करते है, हरियाणा (Haryana) 
के पर्यटन स्थल (Tourist place) के बारे में विस्तार सहित। 



गुड़गांव (Gurgaon)


गुड़गांव की प्राकृतिक सुंदरता बहुत ही जल्दी सैलानियों का मन मोह लेती है। यहाँ सैलानियों के लिए देखने के लिए बहुत सारे पर्यटन स्थल (Tourist place) है। जिनमें सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, बादशाहपुर का किला,बेगम समरू पैलेस, फारुख का किला, सीआरपीएफ शूटिंग रेंज,  गुड़गांव किंगडम ऑफ ड्रीम्स, साइबर हब और दमदमा लेक प्रमुख पर्यटक स्थल है। उद्योग की नज़र से भी गुड़गांव बहुत ही अहम है। व्यापारी लोग बहुत बड़ी संख्या में काम के सिलसिले में आते रहते है।  




चंडीगढ़ (Chandigarh) 


भारत के सब से सुंदर शहरों में चंडीगढ़ का नाम सब से पहले लिया जाता है। यह शहर पंजाबी फिल्मों का गढ़ माना जाता है। इस शहर को दो राज्य हरियाणा और पंजाब की राजधानी बनाया गया है। हिमालय की शिवालिक श्रेणी की तलहटी में चंडीगढ़ नगर स्थित है। सैलानियों के लिए रॉक गार्डन, मोरनी हिल्स, सरकारी संग्रहालय और आर्ट गैलरी, शांति कुंज, बटरफ्लाई पार्क, सरकारिया कैक्टस गार्डन, गुलाब बाग़, छतबीर चिड़ियाघर, सीढ़ीनुमा बग़ीचा, यादविंदर गार्डन और अंतर्राष्ट्रीय गुड़िया संग्रहालय मुख्य आकर्षण का केंद्र है। 




कुरुक्षेत्र (Kurukshetra) 


कुरुक्षेत्र नगर धार्मिक दृष्टि से बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। महाभारत में इस शहर का जिक्र मिलता है। यहाँ पर आप को भारत की बहुत ही पुरानी सभ्यता देखने की मिलती है। इसी जगह पर हिन्दू भगवान श्रीकृष्ण ने पांडव पुत्र अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। हड़प्पा संस्कृति के निशान भी देखने को मिलते है। पर्यटकों के देखने के लिए ब्रह्म सरोवर, सन्निहित सरोवर, शेख चेहली मकबरा, पैनोरमा और विज्ञान केंद्र, हरियाणा संग्रहालय, काली मंदिर, श्री कृष्ण संग्रहालय और भगवद् गीता ज्योति सर स्थान मुख्य है।




पंचकुला (Panchkula)


जिन सैलानियों को ट्रैकिंग करना अच्छा लगता है, उन्हें पंचकूला बहुत ही पसंद आता है। किसी समय इस शहर पर चंदेल राजवंशों का राज रहा था। पंचकूला का मौसम बहुत ही सुहावना रहता है। कालका, पिंजौर, रायपुर रानी, कैक्टस बाग़, चिड़ियाघर, मोहाली स्टेडियम, गुरुद्वारा नाडा साहिब और माता मनसा देवी पर्यटक स्थल पूरे भारत में प्रसिद्ध है। पंचकूला में हर उम्र के व्यक्ति के लिए देखने के लिए कुछ ना कुछ जरूर है। 




फरीदाबाद (Faridabad)


फरीदाबाद क्षेत्रफल के हिसाब से हरियाणा (Haryanaका सब से बड़ा नगर है। यह नगर उद्योग के लिए सब से ज्यादा जाना जाता है। यहाँ के लोग बहुत ही मिलने जुलने वाले लोग है। सैलानियों के लिए सूरज कुंड, बडखल झील, मोर झील, धौज झील, महाराजा नाहर सिंह महल और अरावली गोल्फ कोर्स मुख्य स्थान है। फरीदाबाद के व्यंजनों का हर एक सैलानी दीवाना हो जाता है। 




पानीपत (Panipat)


पानीपत पौराणिक इमारतों और इतिहास के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहाँ पर स्थित पुराने खंडहर और इमारतें महाभारत से लेकर पानीपत के तीन बहुत ही महत्वपूर्ण युद्धों के इतिहास को दोहराते नज़र आते है। हमारा कहना गलत नहीं होगा कि, यह नगर अपने अंदर बहुत बड़े इतिहास को समेटे हुए है। पर्यटक पानीपत संग्रहालय, काबुली बाग़, प्राचीन किला, सालार गुंज दरवाज़ा, काबुली शाह मस्जिद, इब्राहिम लोधी कब्र और काला अम्ब ट्री साइट देखने के लिए विशेष रूप से आते है। इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए बहुत बढ़िया स्थान है।




रोहतक (Rohtak)


दी हार्ट ऑफ़ हरियाणा या हरियाणा के दिल से रोहतक नगर को जाना जाता है। रोहतक शहर बहुत ही सुंदर है। इस शहर में सिंधु घाटी के अवशेष मिलने के कारण इसका नाम सुर्खियां में आने लगा। इसे झीलों का शहर कहना भी गलत नहीं होगा। भिंडावास झील, तैलार झील और टिलर झील सब से ज्यादा प्रसिद्ध है।




करनाल (Karnal)


पानीपत की तरह करनाल भी एक ऐतिहासिक शहर है। करनाल किला, करनाल झील, मीरान साहिब मकबरा, कलंदर शाह मकबरा, छावनी चर्च टॉवर और पक्का पुल इस शहर की खूबसूरती में चार चाँद लगाते हुए नज़र आते है। यहाँ के ग्रामीण लोग हुक्का आम ही पीते नज़र आते है। 




मानेसर (Manesar)


मानेसर एक छोटा सा शहर है। यह शहर गुड़गांव के बिलकुल पास में है। जिन लोगों को ग्रामीण जीवन शैली को जीना हो या समीप से देखना हो उनके लिए यह बहुत ही बढ़िया स्थान है। यहाँ पर सैलानियों को हरियाणवी ग्रामीण सभ्यता देखने को मिलती है। यह वाकई में बहुत ही शानदार अनुभव है। 




नूह (Nuh)


नूह तुगलग वंश के साम्राज्य को उजागर करता है। पर्यटकों को आर्य वंश की सभ्यता भी देखने को मिलती है। इस नगर में बहुत बड़ी संख्या में ऐतिहासिक खण्डर देखने को मिलते है।




सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य (Sultanpur bird sanctuary)


जिन लोगों को प्रकृति के साथ साथ पंछियों से भी लगाव है, उन को सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य देखने आना चाहिए। यहाँ पर सर्दियों में बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी पंछी आते है। बच्चों के लिए बहुत ही बढ़िया स्थान है। 



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मोरनी हिल्स (Morni hills) 


मोरनी हिल्स बहुत ही मनमोहक हिल स्टेशन है। यह समुद्र तल से 1220 मीटर की ऊँचाई पर है। इस ऊँचाई से आप पास के दृश्य बहुत ही सुन्दर दिखाई देते है।  जिन लोगों को ट्रैकिंग करना भाता है, वह जरूर आये। 




दमदमा झील (Damdama lake)


दमदमा झील को वर्ष 1947 में बारिश का पानी इकट्ठा करने के लिए बनाया गया। जिन लोगों शांति भरा जीवन जीना हो, उनके लिए स्वर्ग से कम नहीं है। प्रति वर्ष बहुत बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी यहाँ पर आते है। जिनको देखने के लिए लोग दूर दूर से आते है। 




सूरज कुंड मेला (Suraj kund festivel)


सूरज कुंड का मेला हर साल 14 दिनों के लिए लगाया जाता है। यह बहुत बड़ा शिल्प मेला होता है। भारत के कोने कोने से लोग हाथ से बनी चीज़ें खरीदने के लिए आते है। 




आम का मेला (Mango festivel)


हर साल हरियाणा (Haryanaके पिंजौर यादविन्द्रा बगीचे में आम का मेला लगाया जाता है। इस मेले में नयी नयी तकनीक से आम की पैदावार को बढ़ाने के बारे में बताया जाता है। यह मेला आम के बाग़ लगाने वाले लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। 

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