गुरुवार, 12 मार्च 2020

हज यात्रा कहाँ और कैसे करने जाए? हज यात्रा के लिए दस्तावेज़ और कितना खर्च?

मुसलिम धर्म में मक्का (Mecca) को सब से ज्यादा पवित्र स्थान माना गया है। मक्का सऊदी अरब (Saudi Arab) देश में स्थित है। हर साल मुसलिम धर्म के लोग हज करने के लिए इस स्थान पर आते है। कहा जाता है कि मुसलमानों के लिए जीवन में एक बार हज यात्रा बहुत जरूरी है। आइए जानते है, हज यात्रा के बारे में विस्तार में (Where And How To Go For Haj Pilgrimage)। 

हज यात्रा क्या है? (What Is Haj Pilgrimage?) 


हज यात्रा मक्का (Mecca) में हर साल मुसलिम लोगों का एक साथ इकट्ठा होना, और काबा की तरफ मुंह करके नमाज को पढ़ना होता है। काबा को बहुत ही पवित्र माना जाता है। हज यात्रा में कई तरह की रस्में होती है, जिनको पूरा करना होता है। इस यात्रा के लिए जो शारीरिक और आर्थिक रूप से ठीक हो, उसे इस्ति'ताह और जो हज पूरा करें, उसे मुस्ताती कहा जाता है। इस समय इतने लोगों का एक साथ इकट्ठा होना, अल्लाह के प्रति विश्वास नज़र आता है।

शैतान को पत्थर मारने वाली रस्म सफा और मरवा दो पहाड़ियों के बीच सात चक्कर लगाने होते है। इन चक्करों के बाद लोग मीना नाम की जगह पर जा कर, नमाज़ पड़ते है। हज यात्री अगले दिन एक बड़े मैदान में इकट्ठे हो कर अल्लाह से दुआ मांगते है। यह अराफात नाम की जगह है। इस यात्रा के अंतिम भाग में लोग 7 छोटे छोटे कंकड़ शैतान रूपी तीन खम्भों पर मारते है। इसे रमीजमारात कहा जाता है।




इस यात्रा के दौरान लोगों को विशेष प्रकार के कपड़े पहनने होते है। ईद उल-अधा वाले दिन बकरे की बलि दी जाती है। यह यात्रा इस्लामिक जिलहिज के महीने में की जाती है। जो लोग सरकारी कोटे से हज जाते है, उनके लिए यह पैकेज 40 से 50 दिन का होता है। इस में एयर टिकट पर सब्सिडी सरकार के द्वारा दी जाती है।

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हज यात्रा की की शुरुआत (Beginning of Haj pilgrimage)


आज से हजारों साल पहले अल्लाह ने इब्राहिम (Ibrahim) से उसकी दो पसंदीदा चीज़े मांगी। जिसमें इब्राहिम का एक लड़का था। लड़के का नाम इस्माइल (Ismail) था। इस्माइल (Ismail) का जन्म बड़ी मुश्किल के बाद हुआ था। जिसे इब्राहिम बहुत ज्यादा प्यार करता था। किसी भी हालत में वह उसको अपने से दूर नहीं करता था। जब अल्लाह का हुक्म हुआ तो वह उसकी कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गया।

इब्राहिम (Ibrahim) अपने बेटे को ले कर चल पड़ा। एक शैतान ने इब्राहिम का रास्ता रोक कर, उसे अपने बेटे की बलि देने से रोका था। जिस की बातें सुनकर एक बार तो इब्राहिम ख़ुदा की बात की नज़र अंदाज करने की कोशिश करने लगा। कुछ समय के बाद उसे अपनी गलती का अहसास हुआ, वह अपने बेटे की बलि देने के लिए चल पड़ा। उसने अपनी आँखों पर पट्टी बाँधी और अपने बेटे की गरदन पर तलवार चला दी। जब इब्राहिम  (Ibrahim) ने अपनी आँखों से पट्टी खोली तो उसने अपने बेटे इस्माइल (Ismail) को अपने सामने मुसकुराते हुआ पाया। इब्राहिम ने जिसकी बलि दी थी वह एक बकरा था। जिसके बाद से हर साल बकरे की बलि दी जाने लगी। इस स्थान पर उस शैतान को सज़ा दी जाती है।




कौन से मुसलमान हज नहीं कर सकते? (Which Muslims Cannot Perform Haj?)


मुसलमान भी हिंदूओं की तरह कई जात और फ़िरक़ों में बटें हुए है। इनमें अहमदिया मुसलिम लोगों को हज करने की इजाजत नहीं है। किसी अहमदिया मुसलमान को चोरी हज यात्रा में शामिल होते, पकड़ लिया जाता है, तो उसे उसी समय उसके देश भेज दिया जाता है। अहमदिया मुसलमान हनफ़ी इस्लाम का पालन करते है।


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हज यात्रा ख़र्चा (Haj Travel Expenses)


हज यात्रा मक्का के दौरान करीब दो लाख से ढाई लाख के बीच में खर्च आता है। इसमें वीज़ा फ़ीस, रहने का खर्च, एयर टिकट सब कुछ शामिल होता है। यह पैकेज करीब 40 से 45 दिन का होता है। इसमें एयर टिकट पर यात्रियों को सब्सिडी भी दी जाती है।


ज़रूरी दस्तावेज़ (Required Documents)


मक्का (Mecca) हज यात्री के पास वीज़ा, पासपोर्ट होना बहुत ज़रूरी है। जिसको देखे बिना वहां मौजूद सुरक्षा कर्मी, आगे नहीं जाने देने। इस शहर में किसी भी प्रकार का नशा या कोई भी गलत काम करना, गैर कानूनी है। मुसलिम देशों में कानून बहुत सख्त होते है।

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