आइये विस्तारपूर्वक गुवाहाटी में घूमने वाले स्थानों के बारे में जानकारी को पढ़े



भारत में गुवाहाटी (Guwahati) शहर कारोबार और अपनी सुंदरता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। गुवाहाटी  मुख्य रूप से से पौराणिक मंदिरों के लिए जाना जाता है। हर मंदिर की कोई ना कोई अपनी कहानी है। यह शहर आधुनिक विचारधारा से बहुत ज्यादा जुड़ा हुआ है। इस शहर में नाईट लाइफ का बहुत ही बढ़िया इंतज़ाम है। यहाँ पर सैलानियों के देखने के लिए बहुत सारे पर्यटन स्थल है। आइये आज हम बात करते है, गुवाहाटी के पर्यटन स्थलों (Tourist places) की जानकारी के बारे में।



नेहरू पार्क (Nehru Park)


वर्ष 2000 में नेहरू पार्क की स्थापना गुवाहाटी (Guwahati) में की गयी थी। यह पार्क पान बाजार के कॉटन कॉलेज के बिल्कुल सामने स्थित है। इस पार्क का नाम आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के नाम पर रखा गया है। यह पार्क परिवार और बच्चों के घूमने के लिए बहुत बढ़िया स्थान है। सारा साल यहाँ पर सैलानियों की संख्या काफी रहती है।




अम्बुबाची मेला (Ambubachi Mela)


अम्बुबाची मेला गुवाहाटी में बहुत ही धूम धाम के साथ मनाया जाता है। इस मेले में बहुत बढ़ी संख्या में लोग शामिल होते है। यह मेला नीलाचली पहाड़ी के पास, कामाख्या मंदिर के साथ में ही लगता है। भारत के कोने कोने से लोग भाग लेते है।



स्ट्रेट ब्रिज (Straight Bridge)


स्ट्रेट ब्रिज वर्ष 1958 को बनाना शुरू किया गया और 1962 में इसे लोगों के लिए चालू किया गया था। इस पुल को बनने में चार साला का समय लगा था। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस पुल का उद्घाटन किया था। यह बहुत ही सुन्दर और लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करता नज़र आता है।




जनार्दन मंदिर (Janardan Temple)


ब्रम्हमपुत्र नदी के शुक्लेश्वर घाट पर जनार्दन मंदिर स्थित है। इस मंदिर गुवाहाटी (Guwahati) में बहुत ज्यादा ,मान्यता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मंदिर में मांगी गयी हरा प्रकार कि मांग पूरी हो जाती है। यह मंदिर भगवान जगन्नाथ को समर्पित है। यहाँ का वातावरण अनुपम दृश्य पेश करता है।



वार मेमोरियल (War Memorial)


गुवाहाटी लतासिल के दिगलीपुखुरी पार्क में वार मेमोरियल स्थित है। इस वार मेमोरियल में उन लोगों के बारे में जानकारी मिलती है, जिन्होंने देश के लिए बहुत ज्यादा लड़ाइयां लड़ी हो या देश के लिए खुद को कुर्बान किया। वर्ष 2015 में इसको बनाए का कार्य शुरू हुआ और 2016 में आम जनता के लिए खोला जाने लगा।



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सुक्रेश्वर मंदिर (Sukreswar Temple)


सुकेश्वर मंदिर में भगवान शिव की आराधना की जाती है। यह मंदिर गुवाहाटी के दक्षिण में सुकेश्वर पहाड़ियों में स्थित है। राजा प्रमत्त सिंह के द्वारा यह मंदिर बनवाया गया था। इस मंदिर के निर्माण का समय इतिहासकारों के हिसाब से 1744 में करवाया गया था। वर्ष 1759 में राजा सिंघेश्वर के द्वारा इसमें कुछ परिवर्तन भी करवाये गए थे।




श्रीमंत शंकर देव कला क्षेत्र (Shrimanta Dhankar Dev Art Sansthan)


श्रीमंत शंकर देव कला क्षेत्र गुवाहाटी में कला के प्रसार के लिए बनाई गयी एक संस्था है। इस संस्था का सम्बन्ध मध्यकाल के कवि, समाज सुधारक श्रीमंत शंकर देव से है। श्रीमंत शंकर देव ने अपनी कलम के माध्यम से लोगों को जगाने का कार्य किया है। इस संस्था में सारे असम की कला संस्कृति को बढ़ावा  दिया जाता है।



नव ग्रह मंदिर (Navagraha Temple)


नव ग्रह मंदिर 9 ग्रहों को समर्पित है। यह एक हिन्दू मंदिर है। चित्रचल पहाड़ी के ऊपर यह मंदिर स्थित है। अपनी खूबसूरती के लिए यह मंदिर प्रसिद्ध है। ज्योतिष शास्त्र के लिए यह मंदिर प्रसिद्ध है। हर साल बहुत बड़ी संख्या में नतमस्तक होने के लिए आते है।



पिस्सू बाजार (Pissu Market)


पिस्सू बाजार गुवाहाटी (Guwahati) में बहुत ही मशहूर बाजार है। पिस्सू बाजार को फैंसी बाजार या चाँदनी चौंक भी कहा जाता है। इस बाज़ार में दुकानों के साथ छोटे छोटे स्टाल भी लगाए जाते है। यहाँ से लोग रोजमर्रा की चीज़ें खरीद कर ले जाते है। यह बाजार बहुत ही सुन्दर और भीड़ भाड़ से भरा होता है।



मानस राष्ट्रीय पार्क (Manas National Park)


मानस राष्ट्रीय पार्क सैलानियों के घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया स्थान है। इस राष्ट्रीय पार्क में कई प्रकार के जीव जंतु पाए जाते है। इन जीव जंतुओं में लिस्पिड हार्स, पैगी कुत्ते विशेष रूप से देखने को मिलते है। इसकी सुंदरता बढ़ने का मुख्य कारण हिमालय की गोद में बसा हुआ होना है। यहाँ पर साहसिक लोग ही घूमने के लिए जाते है। इस पार्क को यूनेस्को ने विश्व धरोहर में शामिल कर लिया है।




कामेंग नदी (Kameng River)


कामेंग नदी दुनिया भर में राफ्टिंग के लिए जानी जाता है। हर साल बहुत बढ़ी संख्या में लोग इस नदी मे राफ़्टिंग करने के लिए आते है। यहाँ का वातावरण राफ्टिंग के लिए बहुत ही शानदार है। पहाड़ों और आदिवासी घरों के पास से गुजरती हुई, यह नदी वाकई में बहुत ही खूबसूरत दृश्य पेश करती नज़र आती है।



हाजो (Hajo)


हाजो (Hajo) एक धार्मिक स्थल है। यह धार्मिक स्थल हिन्दू, मुसलिम और बौद्ध धर्म से जुड़ा हुआ है। गुवाहाटी (Guwahati) से लगभग 24 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की दीवारों पर बहुत ही सुन्दर नक्काशी की गयी है। यह रोज काफी संख्या में लोग नतमस्तक होने के लिए आते है।



काजीरंगा नेशनल पार्क (Kaziranga National Park)


काजीरंगा नेशनल पार्क दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस पार्क में बहुत बढ़ी संख्या में जंगली जीव पाए जाते है। यह पार्क बहुत ही सुन्दर है। यहाँ पर हर साल बहुत बढ़ी संख्या में सैलानी घूमने के लिए आते है। काजीरंगा में दुनिया के एक तिहाई सींग वाले गेंडा पाए जाते है। यूनेस्को ने इस पार्क को विरासत की श्रेणी में शामिल कर लिया है।




उन्मानंद द्वीप (Umananda Island)


उन्मानंद द्वीप दुनिया के छोटे द्वीप में से एक है। यह ब्रहमपुत्र नदी के ऊपर पर बना एक छोटा सा द्वीप है। इस द्वीप को मयूर द्वीप के नाम से भी जाना जाता है। लोगों का कहना है कि इस द्वीप पर भगवान शिव ने कामदेव को तप में विघ्न डालने के कारण भस्म किया था। यह द्वीप बहुत ही सुन्दर द्वीप है। यहाँ पर आने वाले सैलानी इस कि खूबसूरती को देख कर आनंदित हो जाते है।



आसाम संग्रहालय (Assam Museum)


आसाम संग्रहालय में आसाम की संस्कृति देखने को मिलती है। यह संग्रहालय गुवाहाटी शहर के बिलकुल मध्य में स्थित है। इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह बहुत ही बढ़िया स्थान है।




कामाख्या देवी मंदिर (Kamakhya Devi Temple)


गुवाहाटी जाने वाले सैलानी कामाख्या मंदिर में जरूर नतमस्तक होते है। यह मंदिर नीलांचल पहाड़ी पर स्थित है। इस मंदिर का पूरे भारत देश में खासकर हिन्दुओं के लिए बहुत ही महत्व है। हर साल बहुत बड़ी संख्या में लोग यहाँ पर आते है। यहाँ का वातावरण बहुत ही बढ़िया और दिल को शांति प्रदान करने वाला है।



नाईट लाइफ (Night Life)


गुवाहाटी नाईट लाइफ (Night life) के लिए पुरे देश में प्रसिद्ध है। यहाँ पर हर किसी की जेब के हिसाब से नाईट क्लब खुला हुआ है। ब्रुकलिन ब्लूज, सिल्वर स्ट्रीक, रीगन दा बार, दा लाउन्ज प्रसिद्ध नाईट क्लब में से एक है। इन क्लब में सब कुछ आसानी से मिल जाता है। 

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