शुक्रवार, 24 जनवरी 2020

भारत देश में ऐतिहासिक किले, जो दुनिया भर में प्रसिद्ध है (Historical fort in the country of India, which is famous worldwide)

भारत (India) देश में ऐतिहासिक इमारतों की भरमार है। हर राज्य में बहुत ही सुन्दर किले और महल है। क़िले और महलों की सुंदरता को निहारने के लिए देश विदेश से बहुत बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए आते है। आइए आज बात करते है भारत देश के कुछ दुनिया भर में प्रसिद्ध ऐतिहासिक दुर्ग (Historical fort) के बारे में जानकारी।



आगरा किला (Agra Fort)


वर्ष 1573 में मुग़ल सम्राट अकबर (Akbar) ने आगरा शहर में किला बनवाया था। आगरा में बने इस किले की सुंदरता को देख कर हर कोई दांग रह जाता है। यह किला अपनी वास्तुकला और नक्काशी के लिए दुनिया भर में मशहूर है। मुग़ल बादशाह अकबर के बाद इस किले पर राजपूत राजा पृथ्वी चंद ने इस पर कब्ज़ा किया, उसके बाद महमूद गजनवी ने इस किले को अपने अधिकार में ले लिया था। इस सुन्दर किले के अंदर पूरा शहर बसा हुआ था। आगरा किले में मोती मस्जिद, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, मुसम्मन बुर्ज, जहांगीर पैलेस, खास महल और शीश महल पर्यटकों के देखने वाले स्थान है।



मेहरानगढ़ किला, राजस्थान (Mehrangarh Fort, Rajasthan)


राजस्थान के मेहरानगढ़ किले को राजा मान सिंह ने करीब 500 साल पहले बनवाया था। इस  ऐतिहासिक दुर्ग (Historical fort) की ख़ासियत यह है कि इस में 7 दरवाजे है। हर दरवाजे को राजा के जंग जीतने कि याद में एक स्मारक के तौर पर बनवाया है। मेहरानगढ़ किले के ज्यादा ऊँचाई पर होने के कारण, वातावरण बहुत ही साफ़ और ठंडा है। शीश महल, माँ चामुंडा देवी का मंदिर, मोती महल पर्यटकों के देखने के लिए बहुत ही बढ़िया स्थान है।




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चित्तौड़ गढ़ का किला (Chittorgarh Fort, Chittor)


7 वी से 16 वी शताब्दी में राजपूत वंश के सुनहरी समय का गवाह चित्तौड़ गढ़ का किला है। चित्तौड़ में बेराच नदी पर चित्तौड़ गढ़ का किला स्थित है। इस किले का क्षेत्रफल 700 एकड़ है। क़िले की ज़मीन से ऊँचाई करीब 500 फुट है। चित्तौड़ गढ़ किले में प्रवेश करने के लिए सात दरवाजे है। यह प्रवेश द्वार पैदल पोल, भैरव पोल, हनुमान पोल, गणेश पोल, जोली पोल, लक्ष्‍मण पोल और राम पोल के नाम से जाने जाते है। क़िले में दो बहुत मशहूर तालाब है, जिनके नाम विजय स्तंभ और राणा स्तंभ है। वास्तुकला और नक्काशी इस क़िले की देखने वाली है।



ग्वालियर का किला, मध्य प्रदेश (Gwalior Fort, Madhya Pradesh)


राजा मान सिंह तोमर मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बहुत ही सुन्दर किला बनवाया था। ग्वालियर के इस किले की सुंदरता को देख कर हर किसी का दिल आनंद से भर जाता है। यह 15 शताब्दी में बना महल राजा मान सिंह और रानी मृगनयनी की मुहब्बत को आज भी ताज़ा रखे हुए है। इस किले को बनाने के लाल बलुआ पत्थर का इस्तेमाल किया गया है। कहा जाता है कि इस किले में आक्रमणकारी के लिए प्रवेश करना ना मुमकिन जैसा था। पर्यटकों का दिन इस महल में घूमने के लिए बहुत ही काम पड़ जाता है।



लाल किला, दिल्ली (Red Fort, Delhi)


इंडिया (India) की प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों में से एक लाल किला है। लाल किले को मुग़ल बादशाह ने 1618 से 1647 तक करवाया था। कुछ लोगों का कहना है कि इस किले का पहला नाम लाल कोट था। लाल कोट का निर्माण कार्य राजा अनंतनाग ने शुरू करवाया, जिसे पृथ्वी राज चौहान ने पूरा करवाया था। मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने इसे बाद में तुर्क शैली में बदल दिया था। नक्करख़ाना, दीवान-ए-आम, नहर-ए-बहिश्त, ज़नाना, खास महल, दीवान-ए-खास, मोती मस्जिद, हयात बख़्श बाग़ इस किले में पर्यटकों के देखने वाले स्थान है।




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कुम्भलगढ़ का किला, राजस्थान (Kumbhalgarh Fort, Rajasthan)


राजस्थान के महाराज कुम्भा ने कुम्भलगढ़ किले का निर्माण करवाया था। कुम्भलगढ़ किले को कोई भी आक्रमणकारी कभी जीत नहीं पाया है। किले के अंदर करीब 360 मंदिर है, जिनमें 300 जैन मंदिर और 60 हिन्दू मंदिर है। इस किले के मैदानी भाग में खेती और जलाशय बनाये गए और ऊंचे भाग में मंदिर, महल बनाये गए।



गोल कुंडा का किला, हैदराबाद (Golconda Fort, Hyderabad)


गोल कुंडा किले का निर्माण काकतिया राजाओं द्वारा करवाया गया था। इस किले में आठ दरवाजे है प्रवेश करने के लिए। 1687 में इस किले पर औरंगजेब से राज किया था। यह किला ग्रेनाइट कि पहाड़ी पर बना हुआ है। हर साल लाखों कि संख्या में लोग इस किले को देखने के लिए आते है।

बुधवार, 15 जनवरी 2020

तमिलनाडु में घूमने वाली जगह (Tamil nadu tourist places)

भारत की दक्षिण दिशा में तमिलनाडु (Tamil nadu) बहुत ही सुन्दर राज्य है। तमिलनाडु में हर साल बहुत बढ़ी संख्या में लोग घूमने की लिए आते है। शाही जीवन, महल, हिल स्टेशन, पौराणिक मंदिर पर्यटकों को अपनी तरफ खींचने का काम करते है। प्राकृतिक और ऐतिहासिक दोनों का बहुत बढ़िया सुमेल है। आइये आज हम बात करते है, तमिलनाडु (Tamil nadu) के पर्यटन स्थलों (Tourist places) की बारे में।



रामेश्वरम मंदिर (Rameshwaram Temple)


हिन्दू धर्म कि मान्यताओं की अनुसार जिस जगह पर हिन्दू भगवान राम ने श्रीलंका में जाने की लिए पुल बनाया था, उसी स्थान पर रामेश्वरम मंदिर की स्थापना ही गयी थी। रामेश्वरम मंदिर एक द्वीप पर स्थित है।  यह मंदिर बहुत ज्यादा सुन्दर और मन को शांति प्रदान करने वाला स्थान है। हर साल लाखों की तादाद में तीर्थ यात्री इस स्थान पर नतमस्तक होने की लिए आते है। मंदिर की वास्तुकला बहुत ही सुन्दर है।



ऊँटी (Ooty)


जिन सैलानियों को प्रकृति से प्रेम है, उन लोगों की लिए ऊँटी बहुत बढ़िया स्थान है। पर्यटक दुनिया की कोने कोने से ऊँटी (Ooty) में घूमने की लिए आते है। इस की समुद्र ताल से उँचाई 2240 मीटर है। यह जगह नील गिरी की पहाड़ियों में स्थित है। नए शादी की जोड़े इस स्थान को सब से ज्यादा चुनते है अपने हनीमून की लिए। यहाँ रेल में सफर करने वाले शौकीन लोगों के लिए एशिया का सब से लम्बा रेलवे ट्रैक पर स्थित है। पर्यटकों की द्वारा इसे "पहाड़ियों की रानी" नाम से भी जाना जाता है।




कन्याकुमारी (Kanyakumari)


समुद्र की किनारे पर कन्याकुमारी बहुत ही सुन्दर शहर है। कन्याकुमारी को सब ज्यादा धार्मिक दृष्टि से महत्व दिया जाता है। इस शहर में कई पौराणिक मंदिर भी स्थित है, लेकिन देवी भगवती का कन्याकुमारी मंदिर सब से ज्यादा प्रसिद्ध है। इस मंदिर का इतिहास 3000 साल पुराना है। पर्यटकों की लिए पहाड़, समुद्री तट, मंदिर, नारियल की पेड़, चावल की खेत देखने लायक है।



कांचीपुरम (Kanchipuram)


कांचीपुरम में बहुत बढ़िया संख्या में पौराणिक मंदिर है। यह जगह हिन्दू तीर्थ यात्रिओं की लिए स्वर्ग से कम नहीं है। भगवान शिव की पत्नी कामाक्षी देवी का कांची कामाक्षी मंदिर इस शहर में स्थित है। कांचीपुरम में भारत देश का सब से ज्यादा उँचाई पर स्थित और बाद मंदिर एकमबेशवर मंदिर भी स्थित है। शास्त्रीय संगीत का आनंद लेने वाले लोगों के लिए कांची मठ बहुत ही बढ़िया स्थान है।




कोडाइकनाल (Kodaikanal)


समुद्र तल से लगभग 7200 फुट की ऊँचाई पर स्थित कोडाइकनाल (Kodaikanal) बहुत ही सुंदर जगह है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कोडाइकनाल का अर्थ "वनों का उपहार" है। इस जगह बहुत बढ़िया संख्या में पेड़ है। नए शादी शुदा जोड़ो के लिए हनीमून मनाने के लिए बहुत बढ़िया स्थान है। यहाँ  का वातावरण सैलानियों को खुद ब खुद रोमांटिक बना देता है।



मदुरई (Madurai)


जिन लोगों को स्ट्रीट फ़ूड का आनंद लेने में मजा आता है, उनके लिए मदुरई बहुत बढ़िया स्थान है। इस शहर को तमिलनाडु का सब से पुराना शहर कहा जाता है। पांडवों ने इस स्थान पर लम्बे समय तक शासन किया था। मदुरई में गांधी संग्रहालय में खून से सनी गाँधी जी की धोती की रखा गया है। मीनाक्षी देवी का बहुत ही सुन्दर मंदिर की शहर की प्रसिद्धि में इजाफा करता है।



महाबलीपुरम (Mahabalipuram)


बंगाल की खाड़ी के किनारे पर कोरामंडल तट पर महाबलिमपुरम मंदिर स्थित है। महाबलिमपुरम मंदिर और गुफाओं के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मगरमच्छ बहुत बड़ी संख्या में देखने को मिल जाते है। यूनेस्को ने इस शहर के कुछ स्थानों को विश्व धरोहर में शामिल किया है।



यरकौड (Yercaud)


यरकौड बहुत ही सुन्दर लेकिन छोटा सा हिल स्टेशन है। झरने, चर्च, मंदिर, ट्रैकिंग, प्राकृतिक दृश्य यरकौड को प्रसिद्धि दिलवाते है। पर्यटकों को इस स्थान पर आकर बहुत अच्छा महसूस होता है। सूर्यास्त और सूर्य उदय का बहुत बढ़िया नज़ारा देखने को मिलता है। 



कोयंबटूर (Coimbatore)


कोयंबटूर बहुत ही सुन्दर और औद्योगिक नगर है। प्राचीन मंदिर, पहाड़, झरने और कपड़े उद्योग के लिए बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है। पर्यटकों के करने के लिए ट्रैकिंग और कैंपिंग दोनों की सुविधाएं उपलब्ध है। परिवार के साथ घूमने के लिए यह स्थान बहुत ही बढ़िया है। रोमांच के शौकीन पर्यटकों के लिए यह जगह जन्नत से कम नहीं है।


येलागिरी (Yelagiri)


येलागिरी 30 वर्ग किलोमीटर में फैला छोटा सा हिल स्टेशन है। पर्यटकों को देखने के लिए कैर प्रकार के फूल मिल जायेंगे। येलागिरी में भीड़ भाड़ बहुत ही कम होती है, जिसके कारण शांति पसंद पर्यटकों के लिए यह बहुत बढ़िया स्थान है। शुद्ध शहद के लिए यह स्थान बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है।




मदुमलाई राष्ट्रीय पार्क (Madumalai National Park)


मदुमलाई राष्ट्रीय पार्क में पर्यटकों को लुप्त होने वाली कई जानवरों की प्रजातियां देखने को मिलती है। प्राकृतिक दृश्य बहुत ही सुन्दर देखने को मिलता है।



कुम्भकोणम (Kumbakonam)


भारत के दक्षिण में बहने वाली नदियाँ कावेरी और अरसाला के बीच में बसा हुआ है। इतिहास और अलग अलग संस्कृति को जानने वाले लोगों के लिए यह स्थान बहुत बढ़िया है। यहाँ के पौराणिक मंदिर अपने इतिहास को बचते हुए दिख रहे है। महा तन्खा त्यौहार कुम्भकोणम में हर 12 साल के बाद मनाया जाता है।



अन्नामलाई राष्ट्रीय पार्क (Anamalai National Park)


अन्नामलाई राष्ट्रीय पार्क विशेष तौर पर टाइगर की प्रजाति को बचने के लिए बनाया गया है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान बहुत बढ़िया है। दुनिया के कोने कोने फोटोग्राफर इस पार्क में फोटो खींचने के लिए आते है।

गुरुवार, 9 जनवरी 2020

हिमाचल प्रदेश में घूमने वाली जगह (Himachal pardesh mein ghumane wali jagah)


बर्फ से ढके पहाड़, झीलें, नदियां, हरे भरे मैदान देखने की चाहत हो तो, हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) से बढ़िया स्थान कोई और नहीं। भारत देश के उत्तर में बसा हिमाचल प्रदेश बहुत ही सुन्दर राज्य है। यह राज्य हर उम्र के लोगों के लिए और हर वर्ग के लोगों के लिए बहुत कुछ देखने के लिए समाये हुए है। आइए आज हम बात करते है, हिमाचल प्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में (Himachal Pardesh Mein Ghumane Wali Jagah)।



शिमला (Shimla)


प्रकृति, वास्तुकला और हनीमून मनाने वाले सैलानियों की पहली पसंद शिमला है। शिमला हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की राजधानी भी है। अँग्रेज़ शासन काल में गर्मियों के दिनों में अँग्रेज़ सब से ज्यादा समय यहीं पर बिताना पसंद करते थे। शिमला में पौराणिक मंदिर, पहाड़ियां, नदियां, झीलें पर्यटकों की पहली पसंद में आते है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह स्थान किसी जन्नत से काम नहीं है। मॉल रोड पर स्थित बाजार पर्यटकों को बहुत ज्यादा भाता है।



मनाली (Manali)


मनाली प्राकृतिक सुंदरता के लिए देश विदेश में अत्यधिक प्रसिद्ध है। देश विदेश से पर्यटक ट्रैकिंग, बर्फ का आनंद लेने के लिए इस स्थान पर आते है। नए शादीशुदा जोड़ो के लिए रोमांटिक दृश्य मनाली पेश करता नज़र आता है। जीवन जीने का नया ढंग इस स्थान के आसपास के गांव पेश करते है। ऐतिहासिक स्थान, मंदिर संग्रहालय लोगों को अपनी तरफ एक दम आकर्षित करने में बिलकुल भी समय नहीं लगाते है। हर किसी के लिए मनाली में आना एक शानदार अनुभव होता है।




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धर्मशाला (Dharamshala)


भारत में तिब्बती और बौद्ध धर्म के बारे में जानने वाले सैलानियों के लिए बहुत ही अच्छा स्थान धर्मशाला है। धर्मशाला में क्रिकेट का मैदान भी स्थित है। इस शहर को दो भागो में विभाजित किया गया है, ऊपरी डिवीजन, निचली डिवीजन। निचले हिस्से में धर्मशाला, ऊपरी हिस्से में मक्नोलॉडगंज आता है। इस राज्य को कांगड़ा घाटी का प्रवेश द्वार कहा जाता है।  धौला धार बर्फ से ढके पहाड़ इस शहर की खूबसूरती को चार चाँद लगाते नज़र आते है।



सोलंग घाटी (Solang Valley)


सोलंग घाटी हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की बहुत ही सुन्दर घाटी है। यह घाटी मनाली से रोहतांग दर्रे की तरफ जाते हुए रास्ते में आती है। सोलंग घाटी में ट्रैकिंग और स्कीईंग के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध है। पर्यटक इस स्थान पर आ कर बर्फ के साथ खेल खेलने का मजा पूरे जोर शोर के साथ उठाते है। यहाँ के मनोरम दृश्य हर किसी को प्रभावित करते है।



पालमपुर (Palampur)


पालमपुर में देवदार के पेड़ अत्यधिक मात्रा में है। चाय के बागानों के लिए पालमपुर सरे भारत में प्रसिद्ध है। पर्यटकों के देखने के लिए ऐतिहासिक महल मुख्य आकर्षण का केंद्र है। पहाड़ियों के बीच में स्थित यह शहर अपनी खूबसूरती से हर किसी का ध्यान अपनी तरफ खींच लेता है।



कुल्लू (Kullu)


कुल्लू को साहसिक और पहाड़ी सुंदरता के लिए जाना जाता है। पर्यटक कुल्लू में रिवर राफ्टिंग, ट्रैकिंग जैसे साहसिक खेलो का आनंद ले सकते है। रघुनाथ मंदिर, जगन्नाथ मंदिर कुल्लू में मुख्य तीर्थ स्थल है। इसे देवदार के पेड़ो ने पूरी तरह से ढका हुआ है। यहाँ की जलवायु इतनी साफ़ है कि हर कोई यहाँ पर आकर तरोताजा खुद को महसूस करता है।



कुफरी (Kufri)


कुफरी में हिंदू मंदिर बहुत बड़ी संख्या में है, इसलिए यहाँ पर तीर्थ यात्री बड़ी संख्या में घूमने के लिए आते है। इस जगह सब से ज्यादा बर्फ पड़ती है, जिस वजह से ज्यादा कुछ यहाँ पर देखने के लायक पर्यटन स्थल नहीं है। जो लोग बर्फ का ज्यादा से ज्यादा आनंद लेना चाहते है, उन के लिए यह स्थान बहुत बढ़िया है।




बिलिंग घाटी (Billing Valley)


बिलिंग घाटी (Billing valley) उन लोगों के लिए बहुत खास है, जो शांति की तलाश में कुछ समय दुनिया से अलग बिताना चाहते हो। पर्यटक विशेष रूप से इस शहर में मैडिटेशन की तलाश में आते है। बिलिंग घाटी को पैरागलाइडिंग के लिए भी जाना जाता है। सब से खास बात यह है कि हर साल यहाँ पर पैराग्लाइडिंग की प्रतियोगिता भी करवाई जाती है।




मंडी (Mandi, Himachal pardesh) 


हिन्दू धर्म की पुरातन कथाओं के अनुसार माण्डव नाम के ऋषि इस स्थान पर तप किया करते थे। जिनके नाम पर इस शहर का नाम मंडी रखा गया है। मंडी ऐतिहासिक और व्यापारिक नज़र से हिमाचल प्रदेश का मुख्य स्थान है। यहाँ वास्तुकला का अमूल्य भंडार देखने को मिलता है। हर साल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भगवान शिव के नाम पर मेला लगाया जाता है। इस मेले में देश विदेश के कोने कोने लोग आते है।






किन्नौर (Kinnaur)

किन्नौर जिक्र पांडवों के समय से होता रहा है। "लैंड ऑफ़ किंग" के नाम से भी किन्नौर को जाना जाता है। पुरातन कथाओं के हिसाब से इस स्थान को भगवान शिव का स्थान कहा जाता है। यह स्थान प्राचीन हिन्दू मंदिर और बौद्ध धर्म के लोगों के सुमेल को दर्शाता है। पुरातन बौद्ध मठ भी इस स्थान का मुख्य आकर्षण है। पहाड़ों के बीच बसे इस शहर की सुंदरता का हर कोई दीवाना है।



कसौली (Kasauli)


रहस्यमय इमारतों और देवदार के पेड़ो के लिए कसौली को जाना जाता है। कसौली की विक्टोरियन शैली में बानी इमारतें लोगों के लिए रहस्य का केंद्र है। यहाँ पर कई विलुप्त हो चुकी जीव प्रजातियां भी देखने को मिलती है। शांति से कुछ दिन गुजारने के लिए यह स्थान बहुत बढ़िया है। पर्यटकों को इस जगह का वातावरण जल्दी जाने ही नहीं देता है।



स्पीति घाटी (Spiti Valley)


स्पीति घाटी बहुत ही सुन्दर घाटी है। इस स्थान पर सर्दियों के 6 महीने में जाना कार से बिलकुल भी संभव नहीं है। स्पीति घाटी को बर्फ का रेगिस्तान भी कहा जाता है। यह स्थान समुद्र तल से करीब 12500 फुट की उँचाई पर स्थित है। यह घाटी हिमालय पर्वत की गोद में स्थित है। इस थान पर छोटे छोटे हिन्दू और बौद्ध मंदिर देखने को मिलते है।

बुधवार, 8 जनवरी 2020

जम्मू कश्मीर में घूमने वाली जगहों के बारे में (Jammu Kashmir mein ghumane wali jagah)


जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) भारत देश के उत्तर में स्थित बहुत ही सुन्दर राज्य है। यहाँ के पहाड़ी दृश्य, नदियां, वादियां, झीलें पर्यटकों के दिलों को छूने का कार्य करते है। मुग़ल बादशाह जहाँगीर ने जम्मू कश्मीर की सुंदरता को देख कर कहा था कि अगर इस धरती पर स्वर्ग है तो सिर्फ जम्मू कश्मीर में है। जिन सैलानियों को प्रकृति से प्रेम या ट्रैकिंग में रुचि है, उन के लिए यह जन्नत से कम नहीं है। आइये आज हम बात करते है जम्मू कश्मीर में घूमने वाली जगहों के बारे में (Jammu Kashmir mein ghumane wali jagah)।




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डल झील (Dal lake)


जम्मू कश्मीर में डल झील (Dal lake) घूमने के लिए बहुत ही अच्छा स्थान है। डल झील श्रीधर पर्वत में स्थित है। हाउस बोट डल झील का मुख्य आकर्षण है। पर्यटक हाउस बोट में रहना पसंद करते है। यह वाकई में बहुत ही शानदार अनुभव है। डल झील का वातावरण हर किसी को तरोताजा कर देता है। 



वैष्णो देवी मंदिर (Vaishno Devi Temple)


हिन्दू धार्मिक स्थल वैष्णो देवी मंदिर त्रिकुटा की पहाड़ियों में स्थित है। हर साल लाखों की तादाद में तीर्थ यात्री घूमने के लिए वैष्णो देवी मंदिर में माता के दर्शनों के लिए आते है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए तीर्थ यात्रियों को 13 किलोमीटर की यात्रा चलकर तय करनी होती है। लोग कई माता दी जय माता दी करते हुए इस मंदिर तक आराम से पहुंच जाते है। जो लोग प्रकृति प्रेमी और ट्रैकिंग के शौकीन है, उन के लिए यह स्थान बहुत ही अच्छा है।




गुलमर्ग (Gulmarg)


गुलमर्ग बहुत ही सुन्दर स्थान है। फिल्मों की शूटिंग गुलमर्ग में बहुत ज्यादा होती है। जिस के कारण यह स्थान अकसर चर्चा का केंद्र बना रहता है। ऊंचे ऊंचे पहाड़ बर्फ से ढके, हरे भरे घास के मैदान पर्यटकों के मुख्य आकर्षण का केंद्र है। दुनिया की दूसरी सब से ऊंची केबल कार गुलमर्ग के सुन्दर दृश्य दिखने का महत्वपूर्ण कार्य करती है। 


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अमरनाथ (Amarnath)


हिन्दू धर्म में की मान्यता के अनुसार अमरनाथ (Amarnath) में गुफा के अंदर बर्फ का शिवलिंग जैसा जमना भगवान शिव के होने का संकेत माना जाता है। इस बर्फ के बने शिव लिंग के दर्शनों के लिए लाखों की संख्या में तीर्थ यात्री हर साल आते है। यहाँ यात्रा बहुत ही मुश्किल होती है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने इस गुफा में ही माँ पार्वती को अमर होने का रहस्य बताया था। 



पटनीटॉप (Patnitop)


स्कीइंग और ट्रेकिंग का मजा लेने के लिए जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में सब से अच्छा स्थान पटनीटॉप है। पटनीटॉप से 17 किलोमीटर दूर सनासर में पैराग्लाइडिंग बेस, गोल्फ कोर्स पर्यटकों की खास पसंद में आता है। दूर दूर तक फैले हरे भरे मैदान लोगों के दिल में हमेशा हमेशा के लिए छाप छोड़ जाते है। 



पहलगाम (Pahalgaam)


18 गोल्फ कोर्स पहलगाम की शान माने जाते है। पहलगाम में खूबसूरत वादियां, पहाड़ों पर बने खेत, मकानों के डिजाइन लोगों के दिलों को छू जाते है। पहलगाम के लोगों के रहन सहन का तरीका पर्यटकों को बहुत लुभाता है। सर्दियों में पहलगाम बर्फ की चादर में सिमट कर रह जाता है। 



सोनमर्ग (Sonmarg)


सोनमर्ग को झीलों का घर कहा जाता है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए दुनिया के कोने से लोग यहाँ पर आते है। जिन लोगों को शांति से कुछ दिन बिताने हो वह सोनमर्ग चला आये। पर्यटकों को इस स्थान पर आकर शांति प्राप्त होती है। पहाड़ियाँ, वादियां हल्की हल्की धूप का आनंद लेना बहुत बढ़िया अनुभव है। यहाँ अलग अलग जानवरों और पंछियों की प्रजातियां हर किसी का दिल जीतने की कोशिश करती है। 



नुब्रा घाटी (Nubra Valley)


नुब्रा घाटी (Nubra Valley) बहुत ही सुन्दर घाटी है। इस घाटी में प्रवेश करने के लिए भारतीय सैनिकों को अपने पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा करवानी होगी। नुब्रा घाटी में हाथ से बानी बहुत ही सुन्दर चीज़े मिलती है। पश्मीना शाल मुख्य रूप से यहीं पर बनती है। इस घाटी में तिब्बती सभ्यता भी देखने को मिलती है। 



अनंतनाग (Anantnaag)


अनंतनाग जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) का बहुत ही सुन्दर राज्य होने के साथ व्यापार के लिए जाना जाता है। यहाँ का वातावरण बहुत ही साफ़ और लुभावना है। व्यापारी देश के कोने कोने से अकसर आते रहते है। 



पुलवामा (Pulwama)


पुलवामा में पर्यटक ट्रैकिंग और स्कीईंग का अलग अलग मौसम में आनंद ले सकते है। यहाँ पर्यटकों को सांस्कृतिक सभ्यता देखने को मिलती है। पुलवामा में बने मंदिर अपनी सुंदरता के कारण दुनिया भर में प्रसिद्ध है। सेब के बहुत बड़े बाग़ पर्यटकों को आम ही देखने को मिलते है। 



क़िस्तवाड़ नेशनल पार्क (Kistwar National Park)


किस्तवाड़ नेशनल पार्क में पर्यटकों को बहुत सारे जानवर देखने को मिलते है। यह पार्क 400 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस पार्क में कस्तूरी हिरन और हिमालय में मिलने वाले काले भालू पाए जाते है।  

जम्मू कश्मीर के बारे में कुछ बातें (Some Things About Jammu Kashmir)

  • अपने साथ अपने पहचान पत्र जरूर ले कर जाए, क्योंकि कुछ जगह पहचान पत्र दिखा कर ही पर्यटकों प्रवेश मिलता है। 
  • जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) में अकसर आतंकवादी घटनाएं होती रहती है, इसलिए अपने को सुरक्षित रखने की कोशिश करें। 
  • किसी अंजान व्यक्ति से ज्यादा जान पहचान ना बढ़ाये और किसी भी तरह की चीज़ ना ले।
  • सर्दियों के मौसम में बहुत ज्यादा बर्फ पड़ने के कारण बंद कर दिया जाता है। आने से पहले अच्छी तरह से जानकारी प्राप्त करें। 
  • जम्मू कश्मीर की राजधानी में केवल हवाई अड्डा है, जो देश के सारे हवाई अड्डों से जुड़ा हुआ है। 

मंगलवार, 7 जनवरी 2020

लेह लद्दाख में घूमने वाले स्थान (Leh Ladakh mein ghuamne wale sthan)


भारत (India) के उत्तर में हिमालय की वादियों में स्थित लद्दाख बहुत ही सुन्दर राज्य है। लद्दाख में दो जिले है, इन जिलों का नाम लेह और कारगिल है। लेह बहुत ही खूबसूरत स्थान है। यहाँ हर साल बहुत बड़ी संख्या में लोग देश विदेश से घूमने के लिए आते है। आइए आज हम बात करते है लेह लद्दाख में घूमने वाले स्थान (Leh Ladakh Mein Ghuamne Wale Sthan) के बारे में।




पांगोंग झील (Pangong Lake)


पांगोंग झील लेह (Leh) की बहुत ही सुन्दर झील है। यह झील समुद्र तल से 14,270 फुट ऊँचाई पर स्थित है। पांगोंग झील करीब 12 किलोमीटर लम्बी है। यहाँ का तापमान सारा साल -5 से 10 डिग्री के आसपास रहता है। पैंगॉन्ग त्सो इस झील का दूसरा नाम है। दूर दूर तक बर्फ से ढके पहाड़, झील का पानी, ठंडी ठंडी हवा के झोंके हर एक पर्यटक को अपनी तरफ खींचने का काम करते है।




मैग्नेटिक हिल (Magnetic Hill) 


मैग्नेटिक हिल पर ग्रेविटी का नियम खत्म हो जाता है। बंद गाड़ी अपने आप आगे की तरफ चलने लगती है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 14000 फुट के करीब है। मेग्नेटिक हिल लेह शहर से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थान बहुत ही सुन्दर स्थान है।



लेह महल (Leh Palace)


17 वीं शताब्दी में राजा सेंगगे नामग्याल ने अपने लिए बहुत ही सुन्दर महल बनवाया था। जिसे लेह महल ल्हाचें पलखर के नाम से जाना जाता है। लेह की सब ऊंची इमारतों में से एक है। लेह महल की कुल 9 मंजिल है। इस महल में राजा और उसका परिवार रहा करता था। लेह शहर (Leh city) की सुंदरता को यह महल चार चाँद लगता नज़र आता है।




चादर ट्रैक (Chadar Trek)


जांस्कर नदी सर्दियों के समय में सफ़ेद बर्फ की चादर की तरह जम जाती है। जिस पर लोग चलते फिर नज़र आते है। जिसके कारण से इसे चादर ट्रैक कहा जाता है। यह देखने बहुत ही खूबसूरत दृश्य दिखाई देता है। चादर ट्रैक पर चलना बहुत ही जोखिम भरा होता है।




फुगताल मठ (Phugtal Monastery)


जिन लोगों की आध्यात्मिक विचारो में रुचि है, उन के लिए फुगताल मठ (Phugtal Monastery) बहुत अच्छा स्थान है। इतिहासकारों के हिसाब से फुगताल मठ 2250 साल पुराना है। फुगताल मठ में आध्यात्मिक विचारो वाले लोग रहते है। इस स्थान पर पैदल चलकर आना पड़ता है। ट्रैकिंग के लिए यह बहुत ही बढ़िया स्थान है।





पथर साहिब गुरुदवारा साहिब (Pathar Sahib Gurudwara Sahib)


पथर साहिब गुरुदवारा साहिब लोगों के आकर्षण का केंद्र है। लेह (Leh) आने वाले पर्यटक इस स्थान पर जरूर आते है। पथर साहिब गुरुदवारा साहिब गुरु नानक देव को समर्पित है। सेना और ट्रैक ड्राइवर लोगों के लिए स्थान बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है।




शांति स्तूप (Shanti Stupa)


शांति स्तूप का निर्माण जापान के एक बौद्ध भिक्षु ने किया था। बौद्ध भिक्षु का नाम ग्योम्यो नाकामुरा और 14 वे दलाई लामा थे। शांति स्तूप सफ़ेद रंग का गुंबद है। बौद्ध धर्म को मानने वाले लोग पूजा करने के लिए आते है। यहाँ आने वाले पर्यटक को बहुत ज्यादा शांति महसूस होती है। लेह शहर से 500 सीढ़ियों का एक रास्ता है, जिस पर चलकर पर्यटक यहाँ पर पहुंच सकते है।




खार दुंग ला दर्रा (Khardung La Pass)


खार दुंग ला दर्रा को खड़जोंग दर्रा भी कहा जाता है। नुब्रा और श्योक घाटियों में प्रवेश करने वाले रास्ते को खार दुंग ला दर्रा कहा जाता है। पर्यटक इस स्थान पर आकर खुद को बहुत ज्यादा हल्का और ताज़ा महसूस करते है।




हेमिस मठ (Hemis Monastery)


हेमिश मठ लेह लद्दाख (Leh Ladakh) स्थान बहुत ही सुन्दर मठ है। हेमिस मठ का इतिहास 11 वी शताब्दी के करीब का है। एक बार इस मठ के क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद 1672 में फिर से इस मठ को स्थापित किया गया था। भगवान पद्म संभव के को समर्पित हर साल उत्सव आयोजित किया जाता है। जिसको देखने के लिए दुनिया के कोने कोने से लोग आते है।



लेह बाजार (Leh City)


लेह शहर के बाज़ार बहुत ही सुन्दर बाजार है। जिसकी सुंदरता को लफ्जों में ब्यान करना बहुत ही मुश्किल है। हाथ से बने शाल, मूर्तियां के और भी कई प्रकार की सजावट की वस्तु लेह के बाजार में बड़ी आसानी से मिल जाती है।




स्टॉक महल (Stock Palace)


वर्ष 1825 में राजा त्सेपाल तोंदुप नामग्याल स्टॉक महल (Stock palace) को बनवाया था। स्टॉक महल की सुंदरता देख कर पर्यटक अचरज में पड़ जाते है। सरकार ने इस महल को एक संग्रहालय का रूप दे दिया है। इस महल में राजा के समय की सभी वस्तुओं को पर्यटकों को दिखाने के लिए रखा गया है। पहाड़ों के बीच बने इस महल की सुंदरता देखते ही बनती है।




लेह के विचित्र तथ्य (Leh Amazing Facts) 

  • भारत (India) की सब से बड़ी और दुनिया की दूसरी खगोल वेधशाला लेह के हेनले में स्थित है। 
  • दुनिया का समुद्र से सब से ऊँचा बेली ब्रिज और 30 मीटर लम्बा पुल लेह में स्थित है।  
  • संसार की सब से ऊंची झील पांगोंग लेह में स्थित है। इस झील के पानी का स्वाद नमकीन है। नमकीन होने के बाद भी सर्दी के मौसम में पानी बर्फ हो जाता है। 
  • विश्व की सब से ऊंची सड़क भी यही पर स्थित है। 
  • लोसर, लद्दाख (Ladakh), हेमिस त्सु, सिंधु दर्शन त्यौहारों के लिए स्थान जाना जाता है। 
  • भारत (India) में सिर्फ इस स्थान पर दो कूबड़ वाले ऊँट पाए जाते है। 

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