गुरुवार, 12 दिसंबर 2019

हैदराबाद के पर्यटक स्थलों के बारे में जानकारी (Hyderabad tourist places information)

भारत देश के आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) राज्य की राजधानी का नाम हैदराबाद है हैदराबाद (Hyderabadबहुत ही सुन्दर शहर है। यहाँ पुराने क़िले, महल, हवेली और भी बहुत कुछ देखने के लिए है। आइए आज हम बात करते है हैदराबाद के पर्यटक स्थलों (Tourist places) के बारे में।




गोलकोंडा फोर्ट (Golconda Fort)


गोलकोंडा (Golconda Fort) का किला अपनी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इस क़िले को काकतीय शासकों द्वारा बनवाया गया था। शेफर्ड क़िले के नाम से भी इस क़िले को जाना जाता है। ग्रेनाइट पहाड़ी के ऊपर इस किले को बनाया गया है। इस किले की वास्तुकला को देख कर यहाँ आने वाले पर्यटक हैरान हो जाते है। गोलकोंडा क़िले में घूमने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक का है। इसमें घूमने के लिए भारतीयों को प्रति व्यक्ति 5 रुपए, विदेशी लोगों को प्रति व्यक्ति 100 शुल्क देने होता है। लाइट एंड साउंड का शो देखने के 130 प्रति व्यक्ति, फोटोग्राफी के लिए 25 रुपए पट्टी कैमरा शुल्क देना होता है।



चार मीनार (Charminar)


चार मीनार हैदराबाद का सब से मुख्य पर्यटक स्थल है। यह पर्यटक स्थल होने के साथ एक मस्जिद भी है। इस इमारत को क़ुतुब शाह ने 1591 ईस्वी में प्लेग बीमारी से बचने के लिए बनवाया था। चार मीनार की इमारत में इस्लामिक शैली भरपूर मात्रा में देखने को मिलती है। यहाँ पर घूमने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5.30 बजे तक है। भारतीयों से प्रति आदमी 5 रुपए और विदेशी सैलानियों से 100 रुपए प्रति आदमी शुल्क लिया जाता है। फोटोग्राफी का कोई पैसा नहीं है।




श्री जगन्नाथ मंदिर (Shri Jagannath Temple)


हैदराबाद में स्थित जगन्नाथ मंदिर अपनी विशाल रथ यात्रा के लिए दूर दूर तक मशहूर है। इस मंदिर की बनावट बहुत ही सुन्दर है। श्री जगन्नाथ मंदिर में लोग दूर सूर नतमस्तक होने के लिए आते है। मंदिर में दर्शन करने के लिए सुबह 6 बजे से शाम 5.30 बजे तक का समय है। श्री जगन्नाथ मंदिर में किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है और यहाँ पर पर्यटक जितनी मर्जी फोटोग्राफी कर सकते है।




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बिड़ला मंदिर (Bidla Temple)


हिन्दू धर्म में बिड़ला मंदिर का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। हर साल बहुत बड़ी संख्या में यहाँ पर लोग भगवान के दर्शन करने के लिए आते है। बिड़ला मंदिर का निर्माण पहाड़ी पर, संगमरमर पत्थर से हुआ है। इस मंदिर को बनाने में करीब 10 साल लग गए थे। बिना कोई शुल्क दिए पर्यटक यहाँ पर घूम सकते और फोटोग्राफी कर सकते है।




रामोजी फिल्मसिटी (Ramoji Film City)


दुनिया के कोने कोने से रामोजी फिल्म सिटी को देखने के लिए लोग यहाँ पर आते है। यह फिल्म सिटी 2000 एकड़ में फैली हुई है। पर्यटकों को पता ही नहीं चलता है, कब उनका दिन यहाँ पर निकल गया। फिल्मों में उपयोग किया जाने वाले सामान का इस फिल्म सिटी में मॉडल बना कर रखे हुए है। यहाँ पर घूमने के लिए प्रति व्यक्ति 1800 और बच्चों के 1500 रुपए है। इस प्रवेश शुल्क में भोजन का ख़र्चा भी जोड़ा गया है।

हुसैन सागर झील (Hussian Sagar Lek)


हुसैन सागर झील के मानव निर्मित झील है। यहाँ पर परिवार के साथ घूमने में बहुत ज्यादा आनंद आता है। हुसैन झील को 1562 में बनाया गया था। इस झील पर रोजाना बहुत लोग घूमने के लिए आते है। नौका विहार करने पर 10 रुपए शुल्क लिया जाता है। फोटोग्राफी का कोई शुल्क नहीं लगता है।




मक्का मस्जिद (Makka Mosque)


मुसलमानों का धर्मिक स्थान मक्का मस्जिद है। मक्का मस्जिद का निर्माण मोहम्मद कुली कुतब के द्वारा करवाया गया था। इस मस्जिद को बनाने में लगी मिट्टी को मक्का से मंगवाया गया था। उसके बाद इसका मजीद का नाम मक्का मस्जिद पड़ गया। मक्का मस्जिद में आने का समय सुबह 4 बजे से रात 9 बजे आ सकते है। यहाँ पर किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है।   




सालारजंग (Saalar Jung


सालारजंग भारत का ऐसा म्यूज़ियम है जिसने दूसरी शताब्दी से 20 वी शताब्दी का इतिहास संभाल के रखा हुआ है। इस संग्रहालय में टीपू सुल्तान की अलमारी, कुरान की हाथ से लिखी कई प्रतिलिपि, मिस्र देश का लकड़ी का सामान, औरंगजेब की तलवार, कई तरह की पेंटिंग, मूर्तियां इस म्यूजियम में देखने को मिल जाएंगी। सालारगंज संग्रहालय में प्राचीन वस्तुओं का दुनिया में सब से ज्यादा है। यहाँ पर भारतीयों के लिए 10 रुपए, विदेशी लोगों के लिए 150 रुपए शुल्क है। सरकारी अवकाश और हर शुक्रवार को छोड़ कर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जनता के लिए खुला है।




चौमहल्ला पैलेस (Chowmahlla Palace)


वास्तुकला बहुत ही अच्छा नमूना चौमहल्ला पैलेस है। चौमहल्ला पैलेस में निजामों का निवास हुआ करता था। इस में एक बहुत बड़ा हॉल, ड्राइंग रूम, घंटा घर था। इस महल को बनाने में करीब पाँच साल का समय लगा था। 2005 में इस पैलेस को आम सैलानियों के लिए खोला गया है। यहाँ पर आने का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक का है। भारतीयों के लिए प्रति व्यक्ति 50 रुपए और विदेशी सैलानियों के लिए 200 रुपए शुल्क है।



बिड़ला विज्ञान म्यूज़ियम (Bidla Science Museum)


ब्रह्मांड में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए बिड़ला विज्ञान म्युज़ियम बहुत अच्छा स्थान है। बिड़ला म्यूज़ियम में ब्रह्मांड के बारे में बहुत बढ़िया ढंग से जानकारी दी जाती है।  इस संग्रहालय में "डायनसोरियम" नाम की एक गैलरी बनाई गयी है, जिसमें डायनासोर से जुड़ी जानकारी को साझा किया गया है। बिड़ला संग्रहालय को देखने का समय सुबह 10.30 बजे से रात के 8 बजे तक का है।



नेहरू जूलॉजिकल पार्क (Nehru Zoological Park)


नेहरू जूलॉजिकल पार्क 380 एकड़ में फैला हुआ है। इस पार्क का निर्माण 1959 में हुआ था। यह पार्क बच्चों के घूमने के लिए बहुत बढ़िया जगह है। नेहरू जूलॉजिकल पार्क में समुद्री जीवन का एक्वेरियम के द्वारा आनंद ले सकते है। तितली पार्क, जुरासिक पार्क, जंगल सफारी देखने वाली चीज़ें है यहाँ पर। भारतीय वन्यजीवों के साथ विदेशी वन्यजीव भी देखने को मिलेंगे।

नागार्जुन सागर बांध (Nagarujun Sagar Dam)


नागार्जुन सागर बाँध भारत देश का बहुत ही प्रसिद्ध बाँध है। भारत देश में सब से पहले इसी बाँध से पन बिजली बनाने की शुरुआत हुई थी। यह परिवार के साथ घूमने के लिए बहुत बढ़िया जगह है। यहाँ का वातावरण बहुत ही खुशगवार है। कहा जाता है कि नागार्जुन सागर बौद्ध धर्म का प्रमुख स्थान है। हैदराबाद से इस बाँध की दूरी लगभग 165 किलोमीटर है।






स्नो वर्ल्ड (Snow World)


स्नो वर्ल्ड में मानव द्वारा बनाई बर्फ का आनंद ले सकते है। स्नो वर्ल्ड 17000 वर्ग गज से ज्यादा में फैला एडवेंचर पार्क है। यह बच्चों के लिए सब से बढ़िया स्थान है। यहाँ पर स्नो माऊंटेन, स्नो बास्केट बॉल, वॉलीबाल के साथ आइस होटल का मज़ा भी पर्यटक ले सकते है। सुबह 11 बजे से रात के 9 बजे तक, 450 शुल्क दे कर स्नो वर्ल्ड का मज़ा ले सकते है।

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