बैंगलोर में घूमने वाली जगह (Bangalore mein ghuamne wali jagah)

भारत के सब से ज्यादा आधुनिक राज्यों में बैंगलोर (Bangalore) का नाम आता है। इस शहर में सब से ज्यादा आई टी कंपनी स्थित है। बैंगलोर पूरे भारत में अपनी वास्तुकला और सुंदरता के लिए जाना जाता है। ऐतिहासिक इमारतें, मंदिर इस शहर की शान है। आइए आज हम बात करते है बैंगलोर के पर्यटन स्थलों के बारे में (ghuamne wali jagah)। 


बैंगलोर महल (Bangalore palace)


साल 1878 में बैंगलोर महल को सिर्फ 45000 वर्ग फुट में बनवाया गया था। बैंगलोर महल पर ट्यूडर और स्कॉटिश गोथिक वास्तुकला पर्यटकों को अपनी तरफ खींचने का काम करती है। इस महल में सांस्कृतिक, वैवाहिक कार्यक्रमों को आयोजित किया जाता है। बैंगलोर महल को देखने का समय सुबह 10 बजे से शाम  5.30 बजे तक का है। इस महल को देखने के लिए भारतीयों 230 और विदेशी सैलानियों को 460 रुपए देने पड़ते है।



लाल बाग़ (Lal bagh)


लाल बाग़ को बनवाने का काम हैदर अली ने 1760 में शुरू किया था, जिसे उनके पुत्र टीपू सुल्तान (Tipu sultan) ने पूरा करवाया था। यह बैंगलोर शहर के बिल्कुल बीच में स्थित है। लाल बाग़ का कुल क्षेत्रफल 240 एकड़ है। आज इस बाग़ में लगभग 1854 पौधों की प्रजातियां है। पौधों के बारे में यहाँ पर देश विदेश के स्तर पर अध्ययन किये जाते है। लाल बाग़ में पर्यटकों को देखने के लिए दुनिया के सब से ज्यादा दुर्लभ पौधे मिल जायेंगे। 



कब्बन पार्क (Cubbon park)


कब्बन पार्क को "मीडस पार्क" के नाम से जाना जाता है। पहले कब्बन पार्क का क्षेत्रफल 100 एकड़ था , जिसे बाद में बढ़ा कर 300 कर दिया गया है। कब्बन पार्क का नाम लार्ड कब्बन के नाम पर रखा गया है। इस पार्क में करीब 6000 से अधिक पेड़ है। प्रकृति प्रेमियों के यह स्थान बहुत ही अच्छा है। कब्बन पार्क को देखने का समय सुबह 6 बजे से शाम के 6 बजे तक और महीने के द्वितीय मंगलवार को बंद रहता है।





इनोवेटिव फिल्म सिटी (Innovative film city)

इनोवेटिव फिल्म सिटी बैंगलोर में घूमने के लिए बहुत ही अच्छा स्थान है। हर वर्ग के लोग यहाँ पर अपनी रुचि के हिसाब से घूम सकते है। इनोवेटिव फिल्म सिटी को तीन हिस्सों में बाँटा गया है। फिल्म सिटी 58 एकड़ में फैली हुई है। यहाँ घूमने का समय सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक, पर्यटक को 600 रुपए अदा करने होते है। दोपहर 3 बजे से पहले प्रवेश करने पर 400 प्रति व्यक्ति शुल्क लगता है। 




इस्कॉन मंदिर (Iskon temple)


हिन्दू भगवान श्री कृष्ण को समर्पित इस्कॉन मंदिर है। इस्कॉन मंदिर बहुत ही विशाल मंदिर है। वर्ष 1997 में इस मंदिर का उद्घाटन किया गया था। देश के कोने कोने से लोग इस मंदिर की सुंदरता और भगवान कृष्ण से मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना के लिए आते है।  



नंदी हिल्स (Nandi hills)


ट्रैकिंग और प्रकृति के सुन्दर दृश्य देखने वाले लोगों के लिए नंदी हिल्स बहुत ही बढ़िया स्थान है। नंदी हिल्स में स्थित योगानन्देश्वरा मंदिर के दरवाज़े पर बैल के आकार की एक अनोखी मूर्ति है। यह मूर्ति पर्यटकों के आकर्षण का मुख्य केंद्र है। 



जवाहर लाल नेहरू तारामंडल (Jawahar lal nehru Planetarium)


जवाहर लाल नेहरू तारा मंडल में जीवन की शुरुआत के साथ ब्रह्मांड तक की सारी जानकारी मिलती है। तारा मंडल में विज्ञान से संबंधित हर प्रकार की जानकारी दी जाती है। यहाँ पर घूमने का समय सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक का है। जवाहर लाल नेहरू तारा मंडल सोमवार और दूसरे मंगलवार के साथ सरकारी छुट्टी वाले दिन बंद रहता है। वयस्कों के लिए 60 रुपए, और बच्चों के लिए 35 रुपए शुल्क लगता है। यहाँ स्थित स्काई थिएटर में 3 साल से कम उम्र के बच्चों का प्रवेश मना है। 



चुन्नी फाल्स (Chunni falls)


चुन्नी फाल्स तीन नदियों के मिलन का स्थान पर 50 फुट ऊँचा झरना है। देश के कोने कोने से इस झरने का आनंद लेने के लिए पर्यटक आते है। यहाँ पर मानसून के बाद बहुत ही सुन्दर दृश्य दिखाई देते है। परिवार के साथ घूमने के लिए बहुत ही अच्छा स्थान है। पावर स्टेशन भी चन्नी फाल्स से कुछ दूरी पर लगाया है। लोगों के लिए इसमें में तैरना मना है क्योंकि इस में मगरमच्छ पाए जाते है। 



टीपू सुल्तान समर पैलेस (Tipu sultan summer palace)


बैंगलोर की शान कहा जाने वाला टीपू सुल्तान समर पैलेस
 है। समर पैलेस (Summer palace) पर इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का बहुत ही सुन्दर नज़ारा देखने को मिलता है। टीपू सुल्तान समर पैलेस में टीपू सुल्तान सिर्फ गर्मियों में रहते थे। समर पैलेस को बनवाने का काम हैदर अली ने शुरू किया और 1971 में टीपू सुल्तान ने पूरा करवाया था। टीपू सुल्तान के समय की घटनाओं को इस महल में एक संग्रहालय बना कर दर्शाया गया है। पर्यटकों के लिए यहाँ घूमने का समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है। रविवार को यह समय सुबह 8.30 बजे शाम 5 बजे तक का है। भारतीयों के लिए 15 रुपए और विदेशी पर्यटकों के लिए 200 शुल्क लगता है। 


बुल मंदिर (Bull temple)


हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान शिव के वाहन का नाम नंदी था। नंदी को बैल को कहा जाता है। नंदी को समर्पित बंगलौर में एक बुल मंदिर (Bull temple) है। बुल मंदिर में हिन्दू भगवान गणेश की मूर्ति सिर्फ मक्खन से बनाई गयी है। इस प्रतिमा को बनाने में लगभग 110 किलो मक्खन का प्रयोग होता है। गणेश जी की यह मूर्ति हर चार साल के बाद नई मूर्ति बनाई जाती है। इस मक्खन को प्रसाद को तीर्थ यात्रियों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है।    



विश्वेस्वरया इन्दुस्ट्रेल एंड टेकनोलॉजिकल संग्रहालय (Visvesvaray Industrial & Technological Museum)


वर्ष 1962 में विश्वेस्वरया इन्दुस्ट्रेल एंड टेकनोलॉजिकल संग्रहालय का उद्घाटन आज़ाद भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने किया था। जो लोग बिजली के सिद्धांतों के बारे में जानकारी लेना चाहते है, उनके लिए यह स्थान बहुत ही बढ़िया स्थान है। विश्वेस्वरया इन्दुस्ट्रेल एंड टेकनोलॉजिकल संग्रहालय को आम लोगों के लिए वर्ष 1965 में खोला गया था। 



देवनाहल्ली किला (Devanahalli fort)


देवनाहल्ली किला टीपू सुल्तान (Tipu sultan) का जन्म स्थान है। इस किले में कई शाही परिवारों ने अपने जीवन का काफी समय व्यतीत किया है। देवनाहल्ली किला पर पुरातन वैज्ञानिक अध्ययन करते रहते है। इस समय इस क़िले का काफी हिस्सा खंडहर बन चुका है। 

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