कोलकत्ता में घूमने वाली जगह (Kolkata mein ghumane wali jagah)





पश्चिम बंगाल की राजधानी का नाम कोलकाता (Kolkata) है। यह बहुत ही सुंदर शहर है। हर साल देश विदेश से लोग यहाँ पर घूमने के लिए आते है। आइए आज हम बात करते है कोलकाता शहर के पर्यटन स्थलों के बारे में (Kolkata mein ghumane wali jagah)।

विक्टोरिया मेमोरियल (Victoria memorial)

विक्टोरिया मेमोरियल (Victoria memorial) कोलकाता (Kolkata) का बहुत ही खूबसूरत पर्यटन स्थल है। इस मेमोरियल को महारानी विक्टोरिया की याद में सन 1901 में लॉर्ड कर्जन ने बनवाया था। इसे बनाने में करीब बीस साल का वक्त  लगा था। सन 1921 में यह इमारत बनकर तैयार हो गयी थी। यह इमारत सफेद संगमरमर से बानी हुई है। इस इमारत में अलग अलग तरह के २५ कमरे बने है। इन कमरों में महारानी विक्टोरिया से सम्बन्ध रखने वाली वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गयी है। 

भारतीय म्यूजियम (National museum)

भारत के सब से बड़े संग्रहालयों में से एक भारतीय म्यूजियम (National museum) है। यह संग्रहालय 1875 में बनाया गया था। इसे 6 भागों में बता गया है। जिनके नाम उद्योग विज्ञान, कला विज्ञान, मानव विज्ञान, प्राणी विज्ञान, भू विज्ञान और वनस्पति विज्ञान है। यहाँ आप को किताबों के साथ ऐतिहासिक और पुरातात्विक वस्तुओं को भी रखा गया है। यहाँ पर  सांची, अमरावती, गंधार, सारनाथ, जावा और कंबोडिया देशी विदेशी ऐतिहासिक और पुरातात्विक वस्तुएँ देखने को मिलेंगी। यहाँ पर आना बहुत बढ़िया अनुभव होगा। पर्यटकों के लिए यह संग्रहालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।

हावडा ब्रिज (Howrah bridge)

हावडा पुल (Howrah bridge) दुनिया भर में अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है। यह पुल दो शहरों को हावडा और कोलकाता (Kolkata) को आपस में जोड़ ने का काम करता है। इस पुल को हम रवीन्द्र सेतु के नाम से भी जानते है। इस पुल को 2590 टन लोहे से तैयार किया गया है। इस पुल की लम्बाई 1500 फुट और चौड़ाई 71 फुट है। यह पुल बिना किसी तार और रस्सी के सिर्फ चार खम्भे के ऊपर खड़ा है। जिनमें 2 खम्भे नदी के एक तरफ और दो नदी के दूसरी तरफ है। इन खम्बों के बीच की दूरी करीब पौने किलोमीटर की है। इस पुल का खुद का वजन ही हज़ारों टन है। 80 सालों से यह पुल हवा में अपना संतुलन बना कर खड़ा हुआ है। हावडा ब्रिज (Howrah bridge) एक ऐतिहासिक पुल है। 

बिडला मंदिर (Bidla temple)

बिड़ला मंदिर (Bidla temple) एक हिन्दू मंदिर है। इस मंदिर की दीवारों पर आप को राजस्थानी मीनाकारी कला देखने को मिलेगी। इस मीनकारी में आप को राजस्थानी जीवनी शैली भी देखने को मिलेगी। इस मंदिर में हिन्दू भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी की पूजा अर्चना की जाती है। बिडला मंदिर (Bidla temple) का निर्माण 1970 में शुरू हुआ और 1996 में बन कर तैयार हुआ था। इस मंदिर की सुंदरता देखने से बनती है। इस मंदिर के दर्शन अगर रात में किये जाए तो आप को आलौकिक अनुभूति प्राप्त होगी।


शहीद मीनार (Saheed minaar)

शहीद मीनार (Saheed minaar) के ऐतिहासिक मीनार है। इस मीनार को नेपाल युद्ध में सेना के नायक रहे सर डेविड डॉक्टर लोनी की याद में बनवाया था। यह मीनार 158 फुट ऊंची है। इस मीनार का गुंबद तुर्क शैली के हिसाब से बना हुआ है। इस गुम्बद को विशेष रूप से देखने के लिए लोग यहाँ पर आते है। शहीद मीनार (Saheed minaar) से आप पूरे शहर का नज़ारा आप अपनी आँखों से देख सकते है।

बिडला तारामंडल (Bidla taramandal)

बिडला तारामंडल (Bidla taramandal)सांची के बुद्ध स्तूप की तरह दिखाई देता है। इस के गुम्बंद का व्यास करीब 27 मीटर है। बिड़ला तारामंडल (Bidla taramandal) के भवन में 500 दर्शक बहुत ही आराम से बैठ सकते है। इस भवन में वैज्ञानिक ग्रह-नक्षत्रों के बारे में पर्यटकों को जानकारी देते है। इस स्थान पर बैठकर आप को ऐसा लगेगा जैसे की आप खुले आसमान के नीचे बैठे हो। इस भवन में आने का समय दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक का है।

ईडन गार्डन (Edan garden)

ईडन गार्डन (Edan garden) को अलेक्जेंडर की बहन के नाम पर बनाया गया था। यह एक खेल का मैदान है। यह कोलकाता (Kolkata) के उत्तरी पश्चिमी छोर पर स्थित है। इस के पूर्व में रणजी स्टेडियम भी है। यहाँ पर अक्सर पर्यटक और स्थानीय लोग घूमने के लिए आते है। ईडन गार्डन (Edan garden) में 1987 में क्रिकेट का विश्व कप फानल मैच खेला गया था।

साइंस सिटी (Science city)

साइंस सिटी (Science city) में अंतरिक्ष थियेटर स्पेस फ्लाइल व सरी सृप वर्ग के अलग अलग जंतुओ को देख कर आप हैरान रह जायेंगे। आप को यहाँ पर डायनासोर की कई प्रकार की प्रजाति के अलग अलग मॉडल भी देखने को मिलेंगे। इस साइंस सिटी (Science city) को 1 जुलाई 1997 को दर्शकों के लिए खोला गया। इसे राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद द्वारा बहुत बढ़िया ढंग से पर्यटकों के लिए बनाया गया है। यह स्थान हर उम्र के लोगो के लिए बहुत ही बढ़िया स्थान है। यहाँ का वातावरण बहुत ही अच्छा है। आप अगर कोलकाता (Kolkata) आए तो यहां पर ज़रूर आए।

बोटेनिकल गार्डन (Botanical garden) 

बोटेनिकल गार्डन (Botanical garden) का पूरा नाम आचार्य जगदीश चंद्र बोस इंडियन बोटेनिकल गार्डन है। यह गार्डन हावडा और हुगली नदी के पश्चिमी तट पर करीब 109 हेक्टेयर के हिस्से में फैला हुआ है। यहाँ पर विशेष देखने के लिए 200 साल से भी ज्यादा पुराना बरगद का वृक्ष है। यह पेड़ करीब 330 मीटर के हिस्से में फैला हुआ है। बोटेनिकल गार्डन (Botanical garden) में आप को 40 हजार से ज्यादा पौधे देखने को मिल जायेंगे। पाम की बहुत बढ़िया किस्में आप को देखने को मिलेंगी। यहाँ पर सारा साल पर्यटक आते रहते है।

चिड़िया घर (Zoo) 

कोलकाता का चिड़िया घर (Zoo) देश के सब से बड़े चिड़िया घर में से एक है। इस चिड़िया घर (Zoo) का क्षेत्रफल लगभग 16 हेक्टर है। इस चिड़िया घर में पशु पंछियो के बीच में जा कर आप उनको देख सकते हो। आप को यहाँ पर कई प्रकार के जीव जंतु देखने को मिलेंगे। कोलकाता के इस चिड़िया घर में आप को फिश एक्योरियम भी देखने को मिलेगा। इस में आप बहुत ही रंग बिरंगी मछलियों को देख सकते है। यह वाकई में बहुत ही शानदार होगा। 

तैरता संग्रहालय (Floating museum) 

कोलकाता की हुगली नदी पर 1993 में तैरता हुआ संग्रहालय (Floating museum) बनवाया गया। यह कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के द्वारा बनवाया गया था। इस संग्रहालय में आप को कोलकाता के 300 सालों के इतिहास को देखने का सुनहरी मौका मिलेगा। यहाँ पर 200 से अधिक चित्र आप को देखने को मिलेंगे। यह तैरता संग्रहालय (Floating museum) सोमवार को बंद रहता है।



फोर्ट विलियम (Fort William)

कोलकाता (Kolkata) की हुगली नदी के पूर्वी किनारे पर स्थित फोर्ट विलियम (Fort William) नाम की विशाल इमारत है। किसी समय यह इमारत एक जेल हुआ करती थी। फोर्ट विलियम (Fort William) इमारत को ब्लैक होल (Black hole) इमारत के नाम से भी जाना जाता है। इस इमारत को बनाने के लिए ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1698 में 3 गांव को जमींदारी पर हासिल कर के इस इमारत का निर्माण करवाया।

सेंट पॉल कैथेड्रल (Sant paul kathedral)

सेंट पॉल कैथेड्रल (Sant paul kathedral) चर्च शिल्पकला का बहुत ही उत्तम नमूना है। इस चर्च की रंगीन कांच की खिड़कियां, अलग अलग चित्र, ग्रांड-ऑल्टर, एक गॉथिक टावर देखने वाले हैं। सेंट पॉल कैथेड्रल (Sant paul kathedral) चर्च हर रोज़ सुबह 9 बजे से दोपहर 12 तक और शाम 3 बजे से 6 बजे तक खुला रहता है। इस चर्च की सुंदरता को देख कर हर कोई अचंभित रह जाता है।

मदर टेरेसा होम्स (Mother Teresa homes) 

मदर टेरेसा जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी को ग़रीब लोगो को बच्चों की सेवा में गुजार दिया। मदर टेरेसा होम्स (Mother Teresa homes) मदर टेरेसा को समर्पित है। यहाँ पर बहुत बड़ी संख्या में बेसहारा लोग और बच्चे रहते है। यहाँ आप पता चलेगा कि कुदरत ने आप को बहुत कुछ दिया है। जिंदगी से आप शिकायतें करना छोड़ देंगे। आप यहाँ पर दान करके पुण्य कमा सकते है।

मुझे उम्मीद है कि आप को मेरा यह लेख पसंद आएगा। कृपया अपने विचार कमेंट करके ज़रूर बताए। धन्यवाद।

Maninder Singh "Mani"
+91-9216210601

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