यात्रा माता वैष्णो देवी के दरबार की (Journey mata vasihno devi temple)

                                     

हर हिन्दू भाई अपनी जिंदगी में एक बार वैष्णो देवी (Vaishno devi) मंदिर में नतमस्तक होना चाहता है। यह यात्रा बहुत ही कठिन होती है। आप अगर इस यात्रा पर पहली बार जा रहे है तो यह लेख आप के बहुत कारगर साबित होगा। इस लेख को शुरू से अंत तक पढ़े। इसमें यात्रा से जुड़ी हर एक जानकारी दी गयी है।

यात्रा का समय (Journey time) 

वैष्णो देवी (Vaishno devi) की यात्रा का सारा प्रबंध श्राइन बोर्ड की तरफ से किया जाता है। वैष्णो माता  मंदिर के आप दर्शन सारे साल में कभी भी कर सकते है। यात्रा का सब से बढ़िया समय मार्च से जून और सितम्बर से अक्टूबर तक का है। इस समय के बीच बहुत ज्यादा ठंड और बारिश का मौसम नहीं होता है। आप अपनी यात्रा आसानी से कर सकते है। अगर आप किसी और महीने में यात्रा का मन बनाते है तो आप के लिए कठिनाई से भरा हो सकता है क्यों की जुलाई से अगस्त तक बारिश का पूरा ज़ोर होता है। ऐसे मौसम में आप आप पहाड़ से कभी भी फिसल सकते है। नवंबर से फरवरी तक बहुत ज्यादा ठंड का मौसम होता है।

यात्रा में काम आना वाला सामान (In journey important things)

वैष्णो मंदिर (Vaishno temple) की यात्रा में पहला पड़ाव आप का कटरा में आएगा। यहाँ से यात्री इस धाम के दर्शनों के लिए साथ निकलते है। कटरा की समुद्र से ऊंचाई लगभग 2500 फ़ीट और मंदिर की ऊंचाई करीब 5200 फ़ीट है। यहाँ पर आप को मौसम में बहुत ज्यादा बदलाव मिलेगा। आप अपने साथ रेन कोट, छतरी, हल्के जूते, पानी, एनर्जी ड्रिंक, हल्के गरम कपड़े गर्मियों के मौसम में साथ रखे। सर्दियों के मौसम में ऊनी कपड़े, जैकेट, गल्वस, टोपी, कंबल इत्यादि अपनी साथ रखे। यात्रा करते समय थोड़ी थोड़ी देर बाद पानी या एनर्जी ड्रिंक लेते रहे। ऐसा करने से आप को थकान कम होगी।

कैसे मंदिर तक पहुंचे? (How to reach) 

आप तीन तरह के रास्तों से वैष्णो मंदिर तक पहुंच सकते है।
  • सड़क मार्ग (By road):-भारत के हर राज्य का सड़क मार्ग जम्मू सड़क मार्ग से जुड़ा हुआ है। जम्मू पहुंचने के बाद आप को कटरा आना होगा। कटरा से आप को त्रिकूटा की पहाड़ियों से 13 किलोमीटर पैदल चलते हुए मंदिर तक पहुँचना है।
  • रेल मार्ग (By train):- माँ दुर्गा के दर्शन के लिए आप को जम्मू के स्टेशन या कटरा के स्टेशन पर उतरना पड़ेगा। आप अगर जम्मू स्टेशन पर उतरते है तो आप को कटरा आना होगा। जम्मू से कटरा के बीच की दूरी करीब 50 किलोमीटर है। जम्मू से आप को कटरा के लिए टैक्सी मिल जाएगी। यहाँ से आप की पैदल यात्रा शुरू होगी। प्रतिदिन देश के कोने कोने से बहुत से ट्रेन यहाँ पर आती है। यह बहुत ही सस्ता पड़ता है।
  • हवाई मार्ग (By airplane):- हवाई मार्ग से आने पर आपको जम्मू के रानी बाग़ एयरपोर्ट पर उतरना पड़ेगा। यहाँ से आप को टैक्सी ले कर कटरा जाना पड़ेगा।    

कटरा से माता के दरबार तक (Katra to temple)

कटरा से आप को त्रिकूटा की पहाड़ी में से होते हुए माता के दरबार तक पहुँचना होता है। इस स्थान पर एक बेस कैंप है, जिसे हम भवन भी कह सकते है। भवन से माता के दरबार की दूरी 13 किलोमीटर की है। इस दूरी को हम पैदल, घोड़ा, खच्चर, पालकी, पिट्ठू की सवारी कर के भी पूरा कर सकते है। इसके अलावा यहाँ पर हेलीकॉप्टर (helicopter) की सुविधा भी दी जाती है। यह सेवा कटरा से सांझी छत तक ही है। सांझी छत से आगे आप को करीब 2.5 किलोमीटर चल कर ही जाना होगा। 

कटरा के बारे में (About Katra) 

कटरा यात्रियों के रुकने के लिए एक भवन है। यहाँ पर माता के दरबार में जाने के पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के बाद आप को एक रसीद दी जाएगी। इस रसीद को दिखने के बाद ही मंदिर में आप को जाने की अनुमति मिलेगी। आप यह पंजीकरण ऑनलाइन भी करा सकते है। हर साल करीब एक करोड़ यात्री माता के दर्शनों के लिए आते है। जिनका सारा प्रबंध यहाँ पर किया जाता है। कटरा से माता के मंदिर तक कई और मंदिर है, जिनमें चारपादुका, इंद्रप्रस्थ, अर्धकुवांरी, गर्भजून, हिमकोटी, सांझी छत और भैरो मंदिर शामिल है। आप यहाँ पर जा सकते है। कई जगह फ्री भोजन का प्रबंध किया जाता है।


कुछ बातों का ख्याल रखे (Some important things)

शारीरिक तौर पर कमजोर या बीमार लोग यात्रा ना ही करे क्योंकि पहाड़ी सफर होने के कारण बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

छोटे बच्चों के कपड़े, उनके खाने पीने का सामान, और दवाईयां साथ में रखे।

घोड़े, खच्चर पर बैठकर किसी प्रकार की शरारत ना करे। ऐसा करना से आप की जान को जोख़िम हो सकता है।

किसी अनजान से ले कर कुछ ना खाए।

किसी भी प्रकार की अफ़वाह पर जल्द विश्वास ना करे।

पंजीकरण करवाने के बाद यात्रा करते समय व्यस्क की मौत होने पर श्राइन बोर्ड 300000 और नाबालिक की मौत पर 100000 रुपए दिए जाता है। जो की एक प्रकार का बीमा हो जाता है पंजीकरण के बाद।

यात्रा के दौरान प्राकृतिक  कारणों से या दिल का दौरा पड़ने से हुई मौत पर श्राइन बोर्ड की तरफ से आप को कुछ भी नहीं मिलेगा।

मुझे उम्मीद है आप को मेरा यह लेख पसंद आएगा। आप अपने कीमती विचार कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे धन्यवाद।

Maninder Singh "Mani"

2 टिप्‍पणियां:

  1. Bohat achaa tarika se s.manider singh jee ne mata shri vashno devi jee ki yatra ka bare jo costly information dee hai, woh bohat hee kaam anaa wali hai.
    Bohat achaa aur useful blog likha hai.

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    1. आप का बहुत बहुत धन्यवाद आप के इन विचारों के लिए.....

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