अजमेर, राजस्थान के पर्यटक स्थल की जानकारी (Ajmer, Rajsthan tourist places information)


राजस्थान (Rajsthan) का अजमेर (Ajmer) शहर हिंदू और मुस्लिम लोगो की एकता, इतिहास और सुंदरता का प्रतीक माना जाता है। अजमेर का नाम अजमेरु से आया है। सैलानियों के देखने के लिए यहाँ पर बहुत कुछ है।आइये आज हम बात करते है अजमेर शहर के पर्यटन क्षेत्रों (Tourist places) के बारे में।

फॉय सागर झील (Foy sagar lake)

फॉय सागर झील (Foy sagar lake) के शानदार दृश्य पर्यटकों को बहुत ज्यादा आनंदित करते है। यह पर्यटन स्थल सूर्यास्त का शानदार दृश्य भी पर्यटकों को दिखाता है। पर्यटक आराम से अपनी शाम को आप पानी की शांति को महसूस करते हुए बिताते है। फॉय सागर झील शांत झील के खूबसूरत किनारों पर जा कर लोग खूबसूरत तस्वीरें खींचते है। यह स्थान फॉय सागर गार्डन रोड, अजमेर में पड़ता है। इसकी अजमेर से दूरी करीबन 7 किलोमीटर की है। पर्यटक यहाँ पर सुबह 6 बजे से शाम 7 बजे तक जा सकते है।


आनासागर झील (Ana sagar lake)

राजस्थान (Rajsthan) अजमेर (Ajmer) शहर के सारे पर्यटन स्थलों (Tourist places) में से यह सबसे खूबसूरत स्थान आनासागर झील है। आना सागर झील एक कृत्रिम झील है। इस झील का नाम पृथ्वीराज चौहान के दादा, अनाजी तोमर के नाम पर रखा गया है। पर्यटकों को यहाँ पर बहुत ही लुभावने दृश्य देखने को मिलते है। परिवार के साथ घूमने के लिए बहुत ही अच्छी जगह है। झील में लोग नौका विहार 160 दे कर कर सकते है। यहाँ पर आने का समय सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक का है। आना सागर झील पर घूमने के लिए कोई शुल्क नहीं लगता है।

ट्रेवल इंसोरेंस (Travel insurance) करवाने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिये

दौलत बाग (Daulat bagh)

आना सागर झील (Ana sagar lake) के बिलकुल करीब ही दौलत बाग का सुंदर बगीचा जहाँगीर द्वारा बनाया गया था। दौलत बाग़ (Daulat Bagh) राजसी झील की भव्यता को निखरता है। बगीचे के परिसर के भीतर बना संगमरमर का मंडप बहुत ही सुन्दर है। यहाँ प्रकृति के नज़ारे दिल को छूने वाले है। दौलत बाग़ गंज इलाके में स्थित है। यहाँ पर आने का समय सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक है।

मेयो कॉलेज (Meyo collage)

अजमेर का मेयो कॉलेज (Meyo collage) ज्यादातर "Eton College of the East" के नाम से जाना जाता है। मेयो कॉलेज भारत का सबसे पुराना पब्लिक बोर्डिंग स्कूल है। कॉलेज अपनी लुभावनी वास्तुकला के लिए दुनिया में जाना जाता है। इस कॉलेज में दानमल माथुर संग्रहालय का घर, जहाँ अमूल्य चीजों, और एक शस्त्रागार का सामान दिखाने के लिए रखा हुआ है। मेयो कॉलेज, श्रीनगर रोड, अजमेर में स्थित है।


नारेली जैन मंदिर (Nareli jain mandir)

नारेली जैन मंदिर (Nareli jain mandir) अजमेर (Ajmer) के बाहरी इलाके में स्थित है। यह मंदिर "श्री ज्ञानोदय" तीर्थक्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है। दिगंबर जैनियों के लिए एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है। नारेली जैन मंदिर की सुंदर मीनाकारी मन को शांति प्रदान करती है। अजमेर में देखने के लिए सबसे सुंदर स्थानों में से एक है। यह मंदिर नारेली, अजमेर में स्थित है। मंदिर में दर्शन करने का समय सुबह 6 बजे से शाम के 7.30 बजे तक का है।

अकबर का महल एवं संग्रहालय (Akbar palace and museum)

मुग़ल इतिहास को दर्शाने वाला अकबर का महल 1500  ईस्वी में बनाया गया था। जो लोग इतिहास में रुचि रखते है, उनके लिए यह स्थान बहुत ही अच्छा है। अकबर के महल (Akbar palace) को अब एक संग्रहालय का रूप दिया गया है। इस महल में मुग़ल और राजपूत जीवन को दर्शाने वाली बहुत सी वस्तुओ को रखा गया है। यहाँ पर भरतपुर के महाराजाओं की कलाकृतियां, मध्य युग के शस्त्र, पत्थर की मूर्तियां, और बहुत से चित्रों को पर्यटकों के लिए रखा गया है। अकबर के महल को देखने का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे और सोमवार को यह महल बंद रहता है। इस महल को देखने का शुल्क भारतीयों के लिए 10 रूपए और विदेशी सैलानियों के लिए 50 रूपए है।

सस्ते टूर पैकेज बुक करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करे 

सोनीजी की नसियां (Soniji ki nasiyan)

जैन धर्म के पहले संत को समर्पित सोनीजी की नसियां (Soniji ki nasiyan) मंदिर है। सोनीजी की नसियां मंदिर 19 वी शताब्दी में बनाया गया था। यह मंदिर अहिंसा के राह पर चलने का मार्ग बताता है। इस मंदिर के दर्शन के लिए समय सुबह 8.30 से शाम 4.30 बजे तक का है। सोनीजी की नसियां मंदिर आदर्श नगर, पृथ्वीराज मार्ग, अजमेर में स्थित है। यहाँ भारतीयों को 10 रूपए और विदेशी सैलानियों को 25 रूपए शुल्क देना होगा।


अढाई दिन का झोंपड़ा (Adhai din ka jhopara)

अढ़ाई दिन का झोपड़ा (Adhai din ka jhopara) मस्जिद का नाम है। यह मस्जिद अंधेर कोट, अजमेर में स्थित है। 1198 ईस्वी में सुल्तान बने कुतुब-उद-दीन-ऐबक द्वारा बनवाई गयी थी। अढ़ाई दिन का झोपड़ा मस्जिद इंडो-इस्लामिक वास्तुकला का बहुत ही बढ़िया मिश्रण है। इतिहासकारों का कहना है कि इस मस्जिद का निर्माण केवल ढाई दिन में किया गया था। यह मस्जिद बहुत ही सुन्दर है। यहाँ पर जाने का समय सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक है।

तारा गढ़ का किला (Tara garh fort)

राजवंश चौहान द्वारा स्थापित क़िले का नाम तारा गढ़ किला (Tara garh fort) है। तारा गढ़ किले को "Star Fort " भी कहते है। तारा गढ़ किले के गवर्नर मीरन साहब की बहादुरी की आवाज़ की गूँज आज भी उठती है।  यह किला अरावली की  छोटी पर स्थित है। यह शाही स्थल सारे शहर का बहुत ही खूबसूरत दृश्य प्रस्तुत करता है। तारा गढ़ का किला अजमेर के सब से सुन्दर पर्यटक स्थानों में से एक है। यह किला तारा गढ़ रोड, अजमेर में स्थित है। यहाँ पर जाने का समय सभी दिन - सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक है।

अजमेर शरीफ दरगाह (Ajmer sharif dargah)

अजमेर (Ajmer) शरीफ दरगाह (Ajmer sharif dargah) का पवित्र मस्जिद ग़रीब नवाज के सम्मान में बनाया गया था। ग़रीब नवाज़ पीर लोगो में सूफीवाद का प्रचार करता था। यह स्थान अजमेर ख्वाजा ग़रीब नवाज का अंतिम विश्राम स्थल, आध्यात्मिकता का प्रतीक भी है। अजमेर शरीफ दरगाह पवित्र स्थल के साथ-साथ तीन द्वार, निज़ाम द्वार, शाहजहाँ द्वार, और बुलंद दरवाज़े द्वारा निर्मित फ़ारसी शिलालेख वास्तुकला के खूबसूरत नमूने हैं। जो इस दरगाह को और भी सुन्दर बनाते हैं। अजमेर शरीफ दरगाह फ़ैज़ मंजिल, दरगाह शरीफ़, अजमेर में स्थित है।  यहाँ पर आने का समय गर्मियों में सुबह 4 से 10 बजे तक और सर्दियों में सुबह 5 से 9 बजे तक का है। दोपहर 3 से 4 बजे तक सैलानियों को अंदर आने की इजाज़त नहीं होती है।



मुझे उम्मीद है कि आप को मेरा लिखा यह लेख पसंद आएगा। कृपया अपने विचार कमेंट करके ज़रूर दे धन्यवाद।

Maninder singh "mani"

1 टिप्पणी:

कृपया कमेंट बॉक्स में कोई भी स्पैम लिंक न डालें।